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डिप्टी कलेक्टर बनने की ऐसी जिद, चार बार परीक्षा देना पड़ी

- अखिरकार डिप्टी कलेक्टर बनने पर मिली संतुष्टी

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Such insistence of becoming a Deputy Collector, had to be taken four times.

Such insistence of becoming a Deputy Collector, had to be taken four times.

डिप्टी कलेक्टर बनने की ऐसी जिद, चार बार परीक्षा देना पड़ी
- अखिरकार डिप्टी कलेक्टर बनने पर मिली संतुष्टी

- जिले में तीसरी महिला डिप्टी कलेक्टर ने लिया पदभार
बुरहानपुर. जिले में सोमवार को डिप्टी कलेक्टर निशा माधवानी ने बुरहानपुर आकर पदभार ग्रहण कर लिया। उनकी यह पहली पोस्टिंग है। यह पद इतना आसानी से उन्हें नहीं मिला। इसके लिए चार बार पीएससी की परीक्षा से गुजरा पड़ा। तीनों बार उनका चयन भी हुआ, लेकिन जिद थी डिप्टी कलेक्टर बनने की। इसलिए चौथी बार की परीक्षा में यह मुकाम उन्होंने हांसिल कर ही लिया।
नवागत डिप्टी कलेक्टर माधवानी ने कहा कि २०१५ की पीएससी परीक्षा के बाद उनका डिप्टी कलेक्टर पद पर चयन हुआ है। सात महीने की ट्रेनिंग लेने के बाद वह बुरहानपुर ज्वाइनिंग के लिए पहुंची। उनके जिले में स्थानांतरण के साथ ही अब यहां तीन महिला डिप्टी कलेक्टर हो गई है। उनके अतिथि प्रगति वर्मा और उषासिंह पहले यहां पदस्थ है।
डिप्टी कलेक्टर निशा माधवानी ने बताया कि उन्होंने वर्ष २०१२ में पीएससी की पहली बार परीक्षा दी थी, इसमें उनका कमर्शियल टैक्स विभाग में चयन हुआ। वर्ष २०१३ में परीक्षा में पास होने के बाद आदिम जाति विकास विभाग में चयन हुआ और वर्ष २०१४ में पीएससी में चयन होने पर कोषालय अधिकारी का पद मिला था। इन सभी विभागों में उन्होंने कुछ समय काम किया और पीएससी की तैयारी भी की। वर्ष २०१५ की पीएसपी परीक्षा में पास होने के बाद उन्हें डिप्टी कलेक्टर का पद मिला है। निशा मुल रूप से देवास की रहने वाली है और उनके पिता व्यवसायी है। उनके परिवार में सरकारी नौकरी करने वाली वह एकमात्र सदस्य है। उन्होंने बताया कि सात महीने पहले उनका स्थानांतरण हुआ था, लेकिन उसके ठिक बाद व ट्रेनिंग के लिए चली गई थी। पहली बार उन्हें फिल्ड में काम करने का मौका मिलेगा। जिसके लिए वह उत्साहित है। ज्वाइनिंग लेने के लिए वह अपने परिवार के साथ पहुंची।