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धूप ऐसी की पानी के आंदोलन करने निकली पार्षद गश खाकर गिरी, भर्ती

- जिला अस्पताल में किया भर्ती- एक दिन के आड़ में आता है पानी, रविवार को वह भी नहीं आया
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 The councilor, who came out of the water movement for the sunshine, fell into a gorge, recruited

The councilor, who came out of the water movement for the sunshine, fell into a gorge, recruited

बुरहानपुर. पानी की समस्या पर आए दिन हंगामे हो रहे हैं। रविवार को सिंधीपुरा वार्ड में पानी न आने पर पार्षद अपने पति के साथ क्षेत्र के लोगों को साथ लेकर निगम कार्यालय पैदल पहुंचे। इस समय पार्षद पति अर्धनग्न होकर पैदल चले। निगम में पहुंचने के बाद यहां कोईसुनवाईनहीं तो आयुक्त के घर के बाहर धरना दिया, जहां महिला पार्षद गश खाकर गिर पड़ी, जिसे आयुक्त की गाड़ी से ही जिला अस्पताल में भर्तीकराया। इस घटनाक्रम के बाद दोपहर में टैंकर से पानी सप्लाय कर शाम ७.३० बजे नल में पानी छोड़ा गया।
सिंधीपुरा वार्ड पार्षद प्रतिनिधि विजय शाह गोविंदजीवाला ने बताया कि एक दिन के आड़ में वार्ड में पानी आता है। रविवार सुबह ६.३० बजे पानी आना था, लेकिन पानी न देते हुए पार्षद बच्चु हेडपेडके चंद्रकला वार्डमें डेढ़ घंटा पानी सप्लाय कर दिया गया। इस कारण सिंधीपुरा, इतवारा और सरदार पटेल वार्डमें पानी नहीं आ सका। लोगों ने हमारे घर आकर समस्या बताई। जब पार्षद निरूपमा गोविंदजीवाला क्षेत्र के लोगों के साथ पैदल सिंधीपुरा से निगम कार्यालय ८ बजे पहुंच गए। इस दौरान पैदल चलते हुए पार्षद के पति विजय शाह विरोध स्वरूप अर्धनग्न होकर इसमें शामिल हुए। निगम में पहुंचने के बाद आलमगंज पार्षद संतोष सांवले और पार्षद असलम भी यहां पहुंचे। विजय शाह ने कहा कि आयुक्त, महापौर को फोन किए, लेकिन उन्होंने नहीं उठाए। मजबूरी में टेंपो से आयुक्त भगवानदास भूमरकर के निवास पर पहुंचे। यहां दस बजे तक धरना देते रहे। इस दौरान पार्षद निरूपमा गश खाकर गिर पड़ी। जिसे अस्पताल में भर्तीकराया।
आयुक्त ने कहा मैं एफआईअर करवा दूंगा
विजय शाह ने कहा कि आयुक्त का मेरे पास फोन आया कहा कि मेरे घर पर आकर धरना देने पर तुहारे खिलाफ एफआईआर करवा सकता हूं। आप दबाव की राजनीति कर रहे हैं।
यह बोले आयुक्त
समस्या का हल हो गया था, इन्हें एक दो घंटे का भी सब्र भी नहीं था। कोईभी समस्या होगी तो इंजीनियर जाकर इसका हल करेंगे। इस व्यक्ति के बारे में मैं नहीं कहूंगा। मुझे एक माह हुआ है, वह पहले भी इस तरह के धरना प्रदर्शन का आदि रहा है। दबाव बनाने के लिए इस तरह की हरकत करते हैं। बाकी ४७ पार्षद भी किसी ने किसी समस्या से निपटते लेकिन कोई इस तरह से कपड़े उतारना इस तरह की हरकत नहीं करते। सिविल लाइन क्षेत्र में है यहां कलेक्टर, एसपी सभी रहते हैं। वहां धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलती। आप निगम कार्यालय पर किसी चौराहे पर आपके वार्डमें धरना दीजिए, लोकतांत्रिक तरीके से कर सकते हैं। यह तो एक तरह की घेराबंदी हो गई एक तरह की ब्लैकमैलिंग हो गई यह तो। गलत तरीका यह अपनी बात रखने का बात मनवाने का।
बीयू२९१८ : अस्पताल में भर्ती पार्षद निरूपमा।