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अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले भक्तों की संख्या रहेगी दोगुना

जम्मू-कशमीर से धारा 370 हटने का असर - २३ जून से शुरू हो रही यात्रा, २ मार्च से रजिस्ट्रेशन शुरू
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 The number of devotees going to Amarnath Yatra will double

The number of devotees going to Amarnath Yatra will double

बुरहानपुर. पवित्र अमरनाथ यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई है। जम्मू कश्मीर से धारा ३७० हटने के बाद इस साल अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले भक्तों की संख्या भी दोगुना होने का अनुमान है। यात्रा २३ जून से शुरू होकर ४२ दिन की रहेगी। इसके रजिस्ट्रेशन २ मार्च से शुरू हो जाएंगे। इस साल यात्रा जल्द शुरू होने से ६ जुलाई को जाने वाली यात्रा बुरहानपुर से जून के अंतिम सप्ताह में जा सकती है।
अमरनाथ सेवा समिति के अध्यक्ष जयंत मुंशी ने बताया कि रजिस्ट्रेशन तारीख की घोषणा हो गई है, २ मार्च से पंजीयन शुरू हो जाएगा। मुंशी ने बताया कि धारा ३७० हटने का भी असर है हर बार १५० के करीब भक्त यात्रा पर जाते थे, जो इस साल ३०० की संख्या होने का अनुमान है। अभी से कई यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन के लिए दस्तावेज देना शुरू कर दिया है। अब नियम भी बदलेंगे, उम्मीद है बहुत राहत भरे नियम रहेंगे।
पिछले साल ४६ दिन की थी यात्रा
वर्ष 2019 में कुल 46 दिन की यात्रा थी लेकिन कश्मीर में सुरक्षा कारणों से यात्रा को एक अगस्त को औपचारिक तौर पर बंद कर तीर्थयात्रियों को घर वापस जाने के लिए एडवाइजरी जारी की गई थी। इस दौरान 15 दिन तक यात्रा स्थगित भी रही। यात्रा के दौरान प्रतिदिन पहलगाम.चंदनबाड़ी और बालटाल ट्रैक से 7500.7500 यात्रियों के अलावा पंजतरणी हेलीकाप्टर सेवा से अलग से श्रद्धालु दर्शन करते हैं।
यह है उम्र का बंधन
मुंशी के अनुसार यात्रा में 13 साल से कम और 7० से ज्यादा आयु वालों को अनुमति नहीं मिलती है।
ऐसा है महत्व
यह वहीं पौराणिक गुफा है, जहां भगवान शिव ने देवी पार्वती को अमरत्व की कहानी सुनायी थी। कहानी सुनते सुनते देवी पार्वती सो गईं और कबूतरों के एक जोड़े ने कथा को सुन अमरत्व प्राप्त किया। हर वर्ष श्रावण मास के दौरान देश.विदेश से हजारों की तादाद में श्रद्धालु पवित्र गुफा में हिमलिंग स्वरूप में विराजमान होने वाले शिव.पार्वती और भगवान गणेश के दर्शन के लिए आते हैं।