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बुरहानपुर की माटी के लाल थे कोरोना युद्ध में शहीद उज्जैन में पदस्थ टीआई यशवंत पाल

- खबर मिलते ही गांव गमगीन- मार्चमें आने वाले थे बुरहानपुर, लेकिन लग गया लॉकडाउन
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 TI Yashwant Pal posted in Burhanpur's soil was martyred in the Corona war

TI Yashwant Pal posted in Burhanpur's soil was martyred in the Corona war

बुरहानपुर/खकनार. कोरोना महामारी के युद्ध में शहीद हुए उज्जैन के नीलगंगा थाने में पदस्थ टीआई यशवंत पाल बुरहानपुर की माटी के लाल थे। जिला मुयालय से ७० किमी दूर देड़तलाई के पास सातोड़ गांव में उनका पैतृक मकान था, जहां उनके दो भाई यहां रहते थे। मार्च माह में वे उनके गांव भाइयों से मिलने के लिए आने वाले थे, लेकिन लॉकडाउन लग गया। इसमें कोरोना से लड़ते हुए खुद संक्रमित हुए और उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
यशवंत पाल खकनार तहसील के देड़तलई के पास के छोटे से ग्राम सातोड़ के निवासी थे। उनके परिजनों ने बताया कि यशवंत पाल की प्रारंभिक शिक्षा बुरहानपुर के सुभाष हाईस्कूल व सेवा सदन कॉलेज से हुई, जहां से स्नातक की पढ़ाई करने के बाद वह एलएलबी की पढ़ाई के लिए इंदौर के क्रिश्चियन कॉलेज में दाखिला लिया। वही उन्होंने सब इंस्पेक्टर की परीक्षा भी दी, जिसमें उनका चयन हो गया, परिवार में उनकी दो पुत्रियां भी है व उनकी पत्नी मीना पाल धार जिले में तहसीलदार के पद पर पदस्थ है। पांच भाई बहनों में यशवंत सबसे बड़े थे एवं उनके दो भाई राजेश पाल व नरेश पाल ग्राम सातोड़ में ही रहकर खेती का कार्य करते हैं।
बचपन से ही था देश सेवा का जुनून
राजेश पाल ने बताया कि उनके बड़े भाई यशवंत बचपन से ही पढ़ाई में होशियार थे व देश के लिए उनमे देश सेवा का जुनून था। मार्च में यशवंत सातोड़ आने वाले थे, लेकिन लॉकडाउन के चलते नहीं आ पाए, इससे पहले वह आखरी बार गणेश उत्सव के समय आए थे। पूर्व में इनके पिता भाऊलाल पाल शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ चुके हैं, उनके निधन की खबर लगते ही पूरे क्षेत्र का माहौल गमगीन हो गया। उनकी आत्मा की शांति के लिए व परिवार को दु:ख सहने की सभी ग्राम वासियों ने भगवान से प्रार्थना कर शोक संवेदना व्यक्त की।
६ अप्रैल को हुए थे संक्रमित
उज्जैन के नीलगंगा थाना प्रभारी ५९ वर्षीय यशवंत पाल की मंगलवार को इंदौर में इलाज के दौरान मौत हो गई। 6 अप्रैल को कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद उन्हें इंदौर के सीएचएल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तबीयत में सुधार नहीं होने पर 12 दिन पूर्व इंदौर के अरविंदो अस्पताल में रैफर किया गया। मंगलवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। यशवंत पाल 198 3 बैच के निरीक्षक थे। यशवंत पाल ने 6 नवंबर 2019 को थाना प्रभारी नीलगंगा का पदभार ग्रहण किया गया। इनके द्वारा सिंहस्थ 2016 में भी अपनी उत्कृष्ठ सेवाएं दी। पाल कर्तव्यनिष्ठ एवं अनुशासित पुलिस अधिकारी थे।