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फारूखी शासन के वीर सैनिकों के मकबरों की अनदेखी, धरोहर हो रही खंडर

- राज्य और केंद्रीय पुरातत्व विभाग का नहीं ध्यान
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 Tombs of gallant soldiers of Farooqi rule ignored, heritage ruins

Tombs of gallant soldiers of Farooqi rule ignored, heritage ruins

फारूखी शासन के यह वीर सैनिक बहादरपुर मार्ग पर स्थित दरगाह हजरत धुला शाह बाबा के मुरीद थें। इस समय राज्य और केंद्रीय पुरातत्व विभाग की अनदेखी के कारण धरोहर खंडर होने लगी हैं। मोहम्मदपुरा रोड पर मकबरे, सिंधीबस्ती क्षेत्र में एक मकबरा सहित बहादरपुर रोड पर भी मकबरें हैं। अब तक मकबरों के पास किसी भी तरह का कार्य नहीं किया गया हैं। कुछ मकबरों की कब्रों को खोद दिया हंैं। उपेक्षा के कारण छत के ऊपर चारों ओर झाडिय़ां उग आई हैं।

इतिहासकार कमरुद्दीन फलक ने बताया कि मुगल बादशाह अकबर के आदेश पर अब्दुल रहीम खानखाना ने १६०१ ईसवी में फारूखी शासन के शहीद सैनिकों के मकबरे बनवाए थे।


बुरहानपुर. मोहम्मदपुरा रोड पर फारूखी शासन के वीर सैनिकों के मकबरें अनदेखी का शिकार हो रहे हैं। राज्य और केंद्रीय पुरातत्व विभाग का इस ओर ध्यान नहीं होने से धरोहर खंडर हो रही हैं। मुगल बादशाह अकबर के आदेश पर शहर में लगभग १२ सैनिकों के मकबरे बनाए गए थे। ऐतिहासिक मकबरों की अनदेखी के कारण असामाजिक तत्व नुकसान पहुंचा रहे है।
इतिहासकार कमरुद्दीन फलक ने बताया कि मुगल बादशाह अकबर के आदेश पर अब्दुल रहीम खानखाना ने १६०१ ईसवी में फारूखी शासन के शहीद सैनिकों के मकबरे बनवाए थे। शहर में लगभग १२ मकबरे अलग.अलग स्थानों पर बनाए गए हैं। चार मकबरे मोहम्मदपुरा जिला पंचायत कार्यालय के पीछे हैं। फारूखी शासन के यह वीर सैनिक बहादरपुर मार्ग पर स्थित दरगाह हजरत धुला शाह बाबा के मुरीद थें। इस समय राज्य और केंद्रीय पुरातत्व विभाग की अनदेखी के कारण धरोहर खंडर होने लगी हैं। मोहम्मदपुरा रोड पर मकबरे, सिंधीबस्ती क्षेत्र में एक मकबरा सहित बहादरपुर रोड पर भी मकबरें हैं। अब तक मकबरों के पास किसी भी तरह का कार्य नहीं किया गया हैं। कुछ मकबरों की कब्रों को खोद दिया हंैं। उपेक्षा के कारण छत के ऊपर चारों ओर झाडिय़ां उग आई हैं।