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Parvovirus: घर-घर फैल रहा है पार्वो वायरस, 50 पालतू कुत्तों में वायरस की पुष्टि

पशु चिकित्सा विभाग ने जारी किया अलर्ट, आवारा कुत्तों में भी दिख रहा असर...।

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what is parvovirus

शहर के पालतू एवं आवारा कुत्तों में पार्वो वायरस फैल चुका है। खाना नहीं खाने एवं उल्टी-दस्त से ग्रस्त 50 कुत्तों में वायरस की पुष्टि हो गई है। आवारा कुत्तों का इलाज नहीं होने के कारण यह संक्रमण तेजी से अन्य पशुओं में भी फैलने का खतरा है। इसको लेकर पशु चिकित्सा विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए पशु पालकों को अपने कुत्तों का वैक्सीनेशन कराने की सलाह दी है। गनीमत है कि मानव को इससे कोई खतरा नहीं है।

जिला पशु चिकित्सालय के डॉ. अजय रघुवंशी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मौसम में आए बदलाव के बाद कुत्तों में वायरस का असर देखने को मिल रहा है। इस वायरस से ग्रसित 50 से अधिक कुत्तों का वे इलाज कर चुके हैं। जबकि कई कुत्ते अब भी इलाजरत हैं। हर साल ठंड में मौसम परिवर्तन के कारण यह वायरस फैलता है। आवारा कुत्तों से पालतू कुत्तों सहित अन्य छोटे जानवरों में इसका असर दिखाई देता है। इस वायरस से ग्रसित कुत्तों में खून की उल्टी या लगातार दस्त होना मुख्य लक्षण है।

जानलेवा है वायरस

वायरस से ग्रस्त कुत्ते खाना नहीं खाते है, लगातार उल्टियां करने के साथ दस्त की समस्या होती है। ऐसे में समय पर इलाज नहीं कराने के कारण वायरस के चलते कुत्ते की मौत भी हो सकती है। ऐसा लक्षण देखे तो तत्काल उसका खाना-पानी रोक देना चाहिए। बीमारी से बचाव के लिए कुत्तों को स्लाइन चढ़ाई जाती है,उसके साथ एंटीवायरल और एंटीबायोटिक दवाइयां दी जाती हैं।

आवारा कुत्तों से अधिक खतरा

शहर में आवारा कुत्तों में वायरस का देखने को मिल रहा है। ऐसे में नगर निगम द्वारा आवारा कुत्तों की जनसंख्या में रोकथाम एवं वैक्सीनेशन को लेकर कोई पहल नहीं कर रहा है, जिसके कारण अन्य पशुओं में भी पार्वा वायरस फैलने की आशंका है।जबकि इस समय आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं भी अधिक हो रही हैं।

क्या है पार्वो वायरस

यह वायरस बेहद खतरनाक है। इसका संक्रमण कुत्तों और उसके बच्चों में फैल जाता है। भारत में पहली बार यह वायरस 1980 में मिला था। संक्रमण के लक्षण दिखने पर पशु चिकित्सक से संक्रमण की जांच करवाना चाहिए। संक्रमण के बाद 90 प्रतिशत मामलों में जानवर की मौत हो जाती है। यह वायरस खासकर लेब्राडोर, जर्मन शेफर्ड और रॉटविलर्स नस्ल में ज्यादा खतरनाक ढंग से फैलता है।


ये हैं लक्षण