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8th Pay Commission: क्या सच में 3 गुना हो जाएगी सरकारी कर्मचारियों की सैलरी? समझिए फिटमेंट फैक्टर का गणित

8th Pay Commission Salary Calculator: आठवां वेतन आयोग 18 महीने में अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा। वह तय करेगा कि फिटमेंट फैक्टर कितना होगा। इसी से सैलरी में बढ़ोतरी तय होगी।
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भारत

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Pawan Jayaswal

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Updated: 29 Oct 2025, 12:18 PM IST

8th pay commission calculator

आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है। (PC: Gemini)

8th Pay Commission News: देशभर में करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को गुड न्यूज मिली है। सरकार ने मंगलवार को आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दे दी। यानी अब आयोग अपना काम आधिकारिक रूप से शुरू कर देगा। आयोग यह तय करेगा कि फिटमेंट फैक्टर कितना होगा और भत्तों व पेंशन में क्या बदलाव किये जाएं। आयोग के पास रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय है। हालांकि, आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है। आठवें वेतन आयोग में कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढे़गी, यह फिटमेंट फैक्टर से तय होगा। आइए जानते हैं कि यह क्या होता है।

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?

फिटमेंट फैक्टर सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनर्स की पेंशन को कैलकुलेट करने में इस्तेमाल होने वाला एक मल्टीप्लायर होता है। फिटमेंट फैक्टर महंगाई, कर्मचारी की आवश्यक्ताओं और सरकार की फाइनेंशियल कैपेसिटी से तय होता है। फिटमेंट फैक्टर जितना अधिक होगा, कर्मचारी की सैलरी में भी उतना ही ज्यादा इजाफा होता है।

कैसे निकाला जाता है फिटमेंट फैक्टर?

अगर हम रिवाइज्ड बेसिक सैलरी में मौजूदा बेसिक सैलरी का भाग दें, तो फिटमेंट फैक्टर निकल आएगा। फिटमेंट फैक्टर बताता है कि नए पे स्ट्रक्चर में सैलरी में कितना अधिक इजाफा हुआ है। उदाहरण के लिए, अगर मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है और नई बेसिक सैलरी 46,260 रुपये है, तो फिटमेंट फैक्टर 2.57 (46,260 ÷18,000)होगा।

सातवें वेतन आयोग में कितना था फिटमेंट फैक्टर?

सातवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। इससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 7000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी। वहीं, न्यूनतम पेंशन 3500 रुपये से बढ़कर 9,000 रुपये हो गई थी। बता दें कि जनवरी 2006 में लागू हुए छठे वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.86 रखा गया था। इससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 2750 रुपये से बढ़कर 7000 रुपये हो गई थी।

अब कितना रह सकता है फिटमेंट फैक्टर?

जिस समय सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें की गई उस समय छठे वेतन आयोग द्वारा तय किए गए वेतनमान के ऊपर डीए 114% था। लेकिन अभी केंद्रीय कर्मचारियों का डीए सिर्फ 58 फीसदी है। आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने तक यह 61-62 फीसदी तक पहुंच सकता है। ऐसे में इस बार फिटमेंट फैक्टर कम रह सकता है। पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के अनुसार, नया फिटमेंट फैक्टर करीब 1.92 रह सकती है। ऐसा हुआ, तो आठवें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये से बढ़कर 34,560 रुपये हो जाएगा। यानी बेसिक सैलरी 3 गुना होने की उम्मीद बेहद कम है।