3 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बैंकिंग स्टॉक में पैसा लगाने का क्या यही है सही समय? पढ़ें क्या कहती है ये रिपोर्ट

JP Morgan banking forecast: बैंकों की स्थिति में पिछले कुछ समय से सुधार देखने को मिला है। जेपी मॉर्गन का मानना है कि बैंकों की आय में तेज वृद्धि दिखाई दे सकती है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Newsdesk

image

Neeraj Nayyar

Dec 04, 2025

Banking Stocks: यदि आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं और बैंकिंग स्टॉक्स में पैसा लगाया है या लगाने वाले हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन (JP Morgan) का अनुमान है कि भारतीय बैंक 'मुनाफे की सुनामी' के लिए तैयार हैं। अगले तीन वर्षों में उनकी आय में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो स्टॉक मार्केट में भी बैंकों के प्रदर्शन में सुधार हो सकता है और ऐसे में निवेशकों की जेब भारी होना लाजमी है।

सालाना आधार पर इतना बढ़ सकता है प्रॉफिट

जेपी मॉर्गन के अनुसार, दूसरी तिमाही में मार्जिन के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद भारतीय बैंक बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं। आने वाले तीन सालों में उनकी आय में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट में जेपी मॉर्गन के हवाले से बताया गया है कि वित्त वर्ष 2026-28 के दौरान बैंकों के प्रॉफिट में सालाना 17% की दर से वृद्धि का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2024-26 में दर्ज 8% CAGR से दो गुना अधिक है। इसी अवधि में रिटर्न ऑफ एसेट्स (RoA) में भी 24 बेसिस पॉइंट्स (bps) के सुधार की संभावना है।

तेजी से सुधर रहे बैंकों के हालात

पिछले दो सालों में बैंकों को नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) की समस्या से जूझना पड़ा है। हालांकि, जेपी मॉर्गन का कहना है कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही से स्थिति में सुधार आया है। फंडिंग कॉस्ट लगातार स्थिर होने से अब बैंकों के पास बढ़ती देनदारियों के दबाव के बिना बेहतर रिटर्न हासिल करने का अधिक स्पष्ट रास्ता है। रिपोर्ट के अनुसार, धीमी डिपॉज़िट रीप्राइसिंग और बढ़ती लोन ग्रोथ से RoA में सुधार होगा। इससे बैंकों को वित्त वर्ष 2026-28 के दौरान अधिक स्थिर अर्निंग बेस मिलेगा, खासकर उन बैंकों को जिनका लायबिलिटी प्रोफाइल मजबूत है।

रिपोर्ट में इन बैंकों का किया जिक्र

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) जैसे पब्लिक सेक्टर बैंक अगले तीन सालों में RoA को 0.8-1.1 प्रतिशत के दायरे में बनाए रख सकते हैं। यह एक ऐसा लेवल है, जिस तक पहुंचाना पहले इन बैंकों के लिए मुश्किल था। अब उनके पास ज्यादा स्थिर डिपॉज़िट फ़्रैंचाइज़ी, स्टेबल क्रेडिट कॉस्ट और बढ़ते मॉर्गेज हैं। वहीं, प्राइवेट बैंक स्पेस में जेपी मॉर्गन को AU स्मॉल बैंक के अच्छा करने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म ने वित्त वर्ष 2026-28 तक इसके RoA में 38bps के सुधार का अनुमान जताया है। इसी तरह, IDFC फर्स्ट बैंक का RoA 54bps बढ़ने का अनुमान है।

कैसा है बैंकिंग स्टॉक का प्रदर्शन?

बैंकों की इनकम और प्रॉफिट बढ़ने से शेयर बाजार पर उनके प्रदर्शन में भी सुधार आ सकता है। इस स्थिति में बैंकिंग स्टॉक्स में निवेश करने वालों को अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद बनी रहेगी। एसबीआई के शेयर की बात करें, तो 946 रुपए के अधिक के भाव पर मिल रहा ये स्टॉक इस साल अब तक (YTD) 19% से ज्यादा का रिटर्न दे चुका है। PNB का YTD रिटर्न 16.06% और BoB का 19.37% रहा है। वहीं, प्राइवेट सेक्टर के AU स्मॉल बैंक ने इस साल अब तक 66% से अधिक रिटर्न दिया है। IDFC फर्स्ट बैंक का शेयर 24% से ज्यादा चढ़ा है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)