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Home Buying Tips: पत्नी के नाम पर घर खरीदने में फायदा है या नुकसान? टैक्स के ये नियम समझ लिए तो नहीं पड़ेगा पछताना

Home Buying Tips: प्रॉपर्टी खरीदते समय टैक्स से जुड़े पहलुओं का भी ध्यान रखना चाहिए। कई राज्यों में महिलाओं के लिए स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस 1% से 3% तक कम होती है। इससे काफी बचत हो जाएगी।

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प्रॉपर्टी खरीदते समय टैक्स से जुड़े नियम भी जान लेने चाहिए। (PC: Gemini)

Home Buying Tips: घर खरीदने की सोच रहे हैं और ये भी सोच रहे हैं कि घर पत्नी के नाम पर लें, ताकि कुछ पैसे बच जाएं, लेकिन टैक्स की देनदारियों को लेकर थोड़ा कन्फ्यूजन भी हैं। चलिए आपकी ये कन्फ्यूजन दूर किए देते हैं। समझते हैं कि अगर आप पत्नी के नाम पर घर लेतें हैं तो कब टैक्स बनेगा, टैक्स बनेगा तो किसको देना होगा। पत्नी के नाम पर घर खरीदने का सबसे बड़ा फायदा तो ये होता है कि प्रॉपर्टी की वैल्यू कम हो सकती है, क्योंकि कई राज्यों में महिलाओं के लिए स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस 1% से 3% तक कम होती है। अब मान लीजिए आपकी पत्नी हाउस वाइफ है, उनकी आय का कोई जरिया नहीं है, तो क्या ऐसे में आप पत्नी के नाम पर लोन ले सकते हैं।

हाउस वाइफ को कैसे मिलेगा लोन?

पति अपनी पत्नी की संपत्ति पर तभी होम लोन ले सकता है जब वह उस संपत्ति का को-ओनर हो, इसके बाद वो उस होम लोन का अकेला बॉरोअर हो सकता है या फिर को-बॉरोअर हो सकता है। पत्नी के नाम पर लोन लेने का फायदा ये भी है कि बैंक होम लोन की ब्याज दर में 1% की कमी कर सकते हैं। अगर आपकी पत्नी हाउस वाइफ हैं, उनकी आय का कोई जरिया नहीं है और न ही वे इनकम टैक्स चुकाती हैं। इसलिए उनको तो होम लोन मिलेगा नहीं, ऐसे में अगर आप पत्नी के नाम पर घर लेते हैं, तो ये एक तरह से आपकी तरफ से पत्नी को गिफ्ट माना जाएगा।

क्या है टैक्स का नियम?

इनकम टैक्स का नियम यह कहता है कि अगर गिफ्ट की वैल्यू किसी एक वित्त वर्ष में 50,000 रुपये से ज्यादा नहीं है तो कोई टैक्स नहीं लगेगा, चाहे गिफ्ट कहीं से भी आया हो और किसी ने भी दिया हो। मगर, अगर गिफ्ट की वैल्यू 50,000 रुपये से ज्यादा है तो जिसे गिफ्ट मिला है, वो उसकी अन्य स्रोत से आय में गिना जाएगा और टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा।

एक क्लॉज ये भी है कि गिफ्ट दिया किसने है, अगर किसी दोस्त या गैर-रिश्तेदार ने दिया है और उसकी वैल्यू 50,000 रुपये से ज्यादा है तो टैक्स लगेगा। लेकिन गिफ्ट आपके किसी रिश्तेदार ने दिया या पति ने पत्नी को दिया, पत्नी ने पति को दिया, तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

क्या है क्लबिंग प्रोविजन?

पति की तरफ से पत्नी को दिया गया गिफ्ट, जो कि इस केस में पत्नी के नाम पर ली गई प्रॉपर्टी है, उस पर पत्नी को कोई टैक्स नहीं देना होगा। ये बात सुनकर आपको सुकून मिला होगा, लेकिन कहानी तो अब शुरू हुई है। अगर इस प्रॉपर्टी से आपकी पत्नी को किसी तरह की आय होती है, तब इनकम टैक्स के सेक्शन 64 के तहत क्लबिंग प्रोविजन लागू होता है, जिसके तहत टैक्स की देनदारी बनती है।

किस सिर आएगी टैक्स देनदारी

घबराएं नहीं, प्रॉपर्टी से होने वाली आय पर जो भी टैक्स की देनदारी बनेगी, वो पत्नी के सिर पर नहीं आएगी, बल्कि आपके सिर पर आएगी। मान लीजिए आपने प्रॉपर्टी को किराये पर दे दिया, तो रेंटल इनकम पति की आय में क्लब कर दी जाएगी यानी जोड़ दी जाएगी। इस पर टैक्स पति को देना होगा। अगर आप प्रॉपर्टी को किराये पर नहीं देते हैं, बल्कि उसमें खुद रहते हैं, तो क्लबिंग प्रोविजन लागू नहीं होगा, कोई टैक्स देनदारी नहीं बनेगी, क्योंकि उससे कोई रेंटल इनकम नहीं हो रही है।

अब अगर आपने उस प्रॉपर्टी को बेच दिया, तो उससे जो भी कैपिटल गेन बनेगा, वो पति की सैलरी में जोड़ दिया जाएगा। उस हिसाब से जो भी टैक्स बनेगा वो पति को देना होगा। इसलिए पत्नी के नाम पर घर लेना फायदेमंद तो है, लेकिन बताई गईं परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।