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China Export: मिडिल ईस्ट युद्ध से लगा चीन की इकोनॉमी को डबल झटका, 2026 का ग्रोथ टार्गेट बना बड़ी चुनौती

China export March 2026: मार्च 2026 में चीन की एक्सपोर्ट ग्रोथ घटकर 2.5 फीसदी रह गई, जो छह महीनों में सबसे कम है। ईरान युद्ध, ट्रंप टैरिफ और प्रॉपर्टी सेक्टर की मंदी ने 2026 के 4.5 से 5 फीसदी ग्रोथ टार्गेट को चुनौती दे दी है।

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China's exports hit a six-month low, worsened by the Iran war and Trump tariffs.

चीन द्वारा अमेरिका को शिपमेंट में भारी गिरावट। फोटो : पत्रिका

China GDP target 2026: ईरान अमेरिका में चल रहे संघर्ष के कारण अब चीन की इकॉनोमी भी डगमगाने लगी है। मध्य पूर्व में जारी ईरान युद्ध, अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापार तनाव और घरेलू मांग की कमजोरी ने एक साथ चीन की अर्थव्यवस्था पर दबाव बना दिया है। ऐसे में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी के सामने 2026 का ग्रोथ टार्गेट हासिल करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। मार्च 2026 में चीन के एक्सपोर्ट ग्रोथ में गिरावट दर्ज की गई है। तेज गिरावट के साथ यह पिछले 6 महीने का सबसे कमजोर प्रदर्शन रहा। पिछले वर्ष की तुलना में सिर्फ 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

मार्च में एक्सपोर्ट क्यों लड़खड़ाया?

चीन के कस्टम्स डिपार्टमेंट के ताजा आंकड़ों के अनुसार मार्च 2026 में एक्सपोर्ट ग्रोथ सालाना आधार पर केवल 2.5 फीसदी रही। यह जनवरी-फरवरी 2026 के 21.8 फीसदी ग्रोथ के मुकाबले बेहद कम है। एक्सपर्ट्स ने मार्च के लिए 8.6 फीसदी ग्रोथ का अनुमान लगाया था, लेकिन असली आंकड़ा उससे भी काफी नीचे रहा। फ्रेंच बैंक नेटिक्सिस के एशिया-पैसिफिक के सीनियर इकोनॉमिस्ट गैरी एनजी ने कहा कि ईरान युद्ध की वजह से ग्लोबल डिमांड और सप्लाई चेन पर दबाव पड़ रहा है, जो चीन के एक्सपोर्ट को धीमा कर रहा है।

इंडेक्समार्च 2026पिछले आंकड़ें और अनुमानबदलाव
एक्सपोर्ट वृद्धि (YoY)2.5%21.8% (जन-फरवरी) / 8.6% (अनुमान)6 महीने का सबसे निचला स्तर
इंपोर्ट वृद्धि (YoY)27.8%19.8% (जन-फरवरी) / 11.2% (अनुमान)4 साल में सबसे तेज वृद्धि
अमेरिका को निर्यात-26.5%टैरिफ और तनाव का असर
चीन का व्यापार डेटा (मार्च 2026)

इसके अलावा चीन के सबसे बड़े ट्रेडिंग पार्टनर अमेरिका को होने वाला एक्सपोर्ट मार्च में सालाना आधार पर 26.5 फीसदी घट गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से लगाए गए ऊंचे टैरिफ और वाशिंगटन-बीजिंग के बीच चल रहे तनाव ने इस गिरावट को और गहरा किया है।

इंपोर्ट में आई रिकॉर्ड तेजी

एक्सपोर्ट में कमजोरी के उलट मार्च में चीन का इंपोर्ट उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ा। सालाना आधार पर इंपोर्ट ग्रोथ 27.8 फीसदी रही, जबकि अनुमान सिर्फ 11.2 फीसदी का था। यह जनवरी-फरवरी 2026 के 19.8 फीसदी से भी ज्यादा है और चार साल से अधिक समय में इंपोर्ट की सबसे तेज वृद्धि है। इंपोर्ट में यह मजबूती घरेलू मांग के कुछ हद तक सक्रिय होने का संकेत दे सकती है।

2026 का ग्रोथ टार्गेट बना चुनौती

बीजिंग ने 2026 के लिए 4.5 से 5 फीसदी का ग्रोथ टार्गेट रखा है, जो 1991 के बाद से सबसे कम है। 2025 में चीन ने करीब 5 फीसदी ग्रोथ हासिल की थी, जिसमें मजबूत एक्सपोर्ट और 1.2 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड ट्रेड सरप्लस का बड़ा योगदान था। लेकिन इस साल हालात बदल रहे हैं। प्रॉपर्टी सेक्टर में लंबे समय से चली आ रही मंदी ने घरेलू निवेश और खपत को कमजोर किया है।

ऐसे में एक्सपोर्ट ही इकोनॉमी को सहारा देने वाला मुख्य इंजन बना हुआ है। पिछले साल नेट एक्सपोर्ट का हिस्सा चीन की कुल जीडीपी में करीब एक तिहाई था, जो यह बताता है कि बाहरी मांग पर चीन की निर्भरता कितनी गहरी है।