
तांबे की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई हैं। (PC: AI)
Copper Price: वैश्विक बाजार में तांबे की रेकॉर्ड तोड़ कीमतों का असर अब सीधे आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने वाला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को कॉपर का भाव 13,000 डॉलर प्रति मीट्रिक टन (1300 रुपए किलो) से ऊपर पहुंच गया, जो अब तक का उच्चतम स्तर है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह तेजी सप्लाई की कमी और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं का नतीजा है। कॉपर की मांग में तेज उछाल के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए डाटा सेंटर्स, इलेक्ट्रिक वाहन और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार प्रमुख कारण माना जा रहा है।
एसपी एंजेल के एनालिस्ट जॉन के अनुसार, मौजूदा कीमतें भी नई खनन परियोजनाओं में बड़े निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया की कई पुरानी खदानें अपनी डिजाइन क्षमता से कहीं अधिक उत्पादन कर रही हैं, जिससे बड़े हादसों का खतरा बढ़ गया है। हाल के महीनों में इंडोनेशिया की ग्रासबर्ग खदान में दुर्घटना और चिली की मैनटोवर्डे खदान में हड़ताल ने सप्लाई संकट की आशंकाओं को और मजबूत किया है।
इस वैश्विक तेजी का सीधा असर घरेलू बाजार पर भी दिखने लगा है। एमसीएक्स पर तांबा 1300 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। पीतल और एल्युमीनियम के दाम भी तेज हुए हैं। इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में एयर कंडीशनर, फ्रिज, मिक्सर- ग्राइंडर, कुकवेयर, बाथवेयर और तांबे के बर्तन जैसे उत्पाद महंगे हो सकते हैं। कंपनियां तांबा और एल्युमीनियम की कीमतें रेकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कारण घरेलू उपकरण और कुकवेयर श्रेणी में 5 से 7 फीसदी तक कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।
Published on:
06 Jan 2026 01:00 pm
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