
क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है। (PC: AI)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों से मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के समाप्त होने की कुछ उम्मीद जगी। लेकिन इसके बावजूद बुधवार 1 अप्रैल को क्रूड ऑयल की कीमतों में 2 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली। युद्ध के बाद मार्च के अधिकांश समय में तेल की कीमतें 100 डॉलर के लेवल से ऊपर बनी रहीं, जिसका कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना था। इसके साथ ही UAE ने होर्मुज खोलने के लिए मिलिट्री गठबंधन की मांग की और चीन-पाकिस्तान ने पांच सूत्रीय सीजफायर प्रस्ताव पेश किया।
बुधवार को ब्रेंट क्रूड 1.8 फीसदी उछलकर 105.8 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। मंगलवार को यह 3.2 फीसदी गिरा था। इसके साथ ही WTI क्रूड भी 1.7 फीसदी चढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। भारत में MCX पर क्रूड 1.34 फीसदी चढ़कर 9,697 रुपये प्रति बैरल पर खुला। इससे पहले होर्मुज की बंदी की वजह से क्रूड मार्च के ज्यादातर समय 100 डॉलर के ऊपर बना रहा। मार्च में ब्रेंट क्रूड में 59 फीसदी और WTI 58 फीसदी की मासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
इससे पहले कूटनीतिक मोर्चे पर मंगलवार को तीन बड़े घटनाक्रम हुए। चीन और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद एक पांच सूत्रीय प्रस्ताव आया जिसमें तत्काल सीजफायर, होर्मुज में सुरक्षित शिपिंग और खाड़ी में स्थिरता बहाल करने की मांग की गई।
दूसरी तरफ वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक UAE ने अमेरिका, यूरोप और एशियाई सैन्य शक्तियों से मिलकर एक गठबंधन बनाने की मांग की है, जो होर्मुज की खाड़ी को खुलवाए।
इन सबके अलावा ब्लूमबर्ग के अनुसार व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट (Karoline Leavitt) ने पुष्टि की है कि पूर्वी समय अनुसार बुधवार रात 9 बजे ट्रंप राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
इन सब प्रयासों के कारण यदि होर्मुज खुल भी गया तो भी क्रूड के दाम ऊंचे बने रहने की आशंका है। क्योंकि खाड़ी देशों में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचा है। सप्लाई बहाल होने में हफ्ते नहीं महीने लग सकते हैं। इराक का उत्पादन 73 फीसदी गिरा है, कतर का LNG एक्सपोर्ट प्रभावित है और समुद्री रूट की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी वक्त लगेगा।
Updated on:
01 Apr 2026 12:56 pm
Published on:
01 Apr 2026 12:55 pm
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