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Iran को प्रतिबंधों से मिली 60 दिन की छूट तो गिर गया Crude Oil, जानिए देश में पेट्रोल-डीजल के दाम

Crude Oil Prices Today: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थिति सामान्य होने के संकेतों के बीच तेल कीमतों में गिरावट देखने को मिली। वहीं, भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं।

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Crude Oil Price drop

भारत में Petrol Diesel की कीमत स्थिर बनी हुई है। (PC: ANI)

Petrol Diesel Price On 23 June 2026: ग्लोबल ऑयल मार्केट पिछले कई महीनों से मिडिल ईस्ट के भू-राजनीतिक तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी घटनाओं से प्रभावित है। हाल ही में हुई अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम पीस डील के बाद से तेल की कीमतों में कमी देखने को मिल रही है। इस बीच अमेरिका ने शुरुआती शांति वार्ताओं के बाद ईरान को 60 दिनों की प्रतिबंध छूट देने का फैसला किया है। इस दौरान दुनिया का कोई भी देश ईरान से तेल खरीद सकेगा। ऐसे में मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली, जबकि भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें स्थिर रहीं। अब निवेशकों का ध्यान इस बात पर है कि होर्मुज से तेल आपूर्ति सामान्य गति से कब तक बहाल हो पाती है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

ग्लोबल मार्केट में मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 23 सेंट गिरकर 77.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) गिरावट के साथ 73.77 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। इससे पहले जब तनाव चरम पर था, तो क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई थी।

भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम

भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों में स्थिरता देखी जा रही है। आखिरी बार देश में 25 मई को पेट्रोल में 2.61 रुपये और डीजल में 2.71 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम निम्न है:

शहरपेट्रोल कीमत (रु./लीटर)डीजल कीमत (रु./लीटर)
नई दिल्ली₹102.12₹95.20
कोलकाता₹113.47₹99.82
मुंबई₹111.21₹97.83
चेन्नई₹107.87₹99.65
गुरुग्राम₹102.80₹95.47
नोएडा₹102.09₹95.54
बेंगलुरु₹110.61₹98.54
भुवनेश्वर₹109.03₹100.74
चंडीगढ़₹101.54₹89.47
हैदराबाद₹115.69₹103.82
जयपुर₹113.35₹98.39
लखनऊ₹101.92₹95.41
पटना₹113.54₹99.54
तिरुवनंतपुरम₹115.00₹104.41

होर्मुज अभी भी है चिंता का कारण

ग्लोबल ऑयल मार्केट में गिरावट के बावजूद विश्लेषक मानते हैं कि होर्मुज से पहले की तरह ऑयल की शिपिंग को सामान्य होने में अभी वक्त लगेगा। क्योंकि युद्ध में ऑयल रिफाइनरियों को हुए नुकसान और बंद पड़े तेल के कुंओं को फिर से सक्रिय होने में समय लगेगा। वहीं, डी-माइनिंग यानी कि बारूदी सुरंग हटाने के कार्यों में भी समय लगेगा। इसके साथ ही युद्ध के दौरान कम हुए तेल रिजर्व को फिर से पहले वाले स्तर पर लौटने में अभी समय लगेगा।