कुल 100 करोड़ RAVE टोकन में से सिर्फ 23.9 करोड़ यानी करीब 24 फीसदी ही बाजार में उपलब्ध हैं। बाकी या तो लॉक हैं या स्टेक। जब सप्लाई कम हो और मांग बढ़े तो कीमत रॉकेट की तरह उड़ती है। बस यही हुआ। खरीदारी बढ़ी, सप्लाई कम थी, कीमत आसमान छूने लगी। जब RAVE 25 सेंट से एक डॉलर तक गया तो बहुत से ट्रेडर्स ने सोचा यह बुलबुला है और इसे शॉर्ट कर दिया यानी दांव लगाया कि कीमत गिरेगी। लेकिन कीमत गिरी नहीं, और ऊपर चली गई।