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हाइड्रोजन फ्यूल में बढ़ा ऊर्जा कंपनियों का इन्वेस्टमेंट

25 करोड़ टन तेल शोधन प्लांट बना रही है आइओसी
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Sunil Sharma

Aug 17, 2021

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नई दिल्ली। देश के कार्बन मुक्त ईंधन की तरफ बढ़ने के साथ बिजनेसमैन मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की कंपनियों से लेकर सरकार के स्वामित्व वाली पेट्रोलियम यूनिट इंडियन ऑयल तथा विद्युत उत्पादक एनटीपीसी जैसी भारतीय कंपनियों ने हाइड्रोजन को फ्यूल के रूप में अपनाने की महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की है।

हाइड्रोजन दुनिया की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए चर्चा के केन्द्र में है। ऊर्जा का सबसे स्वच्छ रूप होने के कारण इसे प्राकृतिक गैस, बायोमास तथा नवीनकरणीय स्रोत सौर एवं पवन ऊर्जा जैसे विभिन्न संसाधनों से उत्पादित किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल कारों, घरों, पोर्टेबल बिजली तथा कई अन्य चीजों में किया जा सकता है। परिवहन क्षेत्र के अलावा केमिकल्स, आयरन और स्टील, हीटिंग तथा बिजली में इस्तेमाल किया जा सकता है।

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एनटीपीसी का लेह में स्टेशन
देश की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादक कंपनी एनटीपीसी ने भी लद्दाख के लेह में देश का सबसे पहला ग्रीन हाइड्रोजन स्टेशन स्थापित करने की घोषणा की है। कंपनी सिटी गैस वितरण नेटवर्क में इस्तेमाल के लिए हाइड्रोजन के मिश्रण की एक पायलट परियोजना शुरू करेगी।

जीरो कार्बन बनेगी रिलायंस
रिलायंस के अध्यक्ष अंबानी ने हाल ही में 20135 तक शुद्ध कार्बन शून्य कंपनी बनने के लिए अपने लक्ष्य के तहत हाइड्रोजन से जुड़ी योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने शेयरधारकों से कहा था कि रिलायंस कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का उपयोगकर्ता बना रहेगा, लेकिन हम अपने कार्बन को उपयोगी प्रोडक्ट्स और केमिकल्स में बदलने के लिए नई तकनीकों को अपनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

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अडानी की इटली से साझेदारी
मार्च में अडानी समूह ने भी हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए इटली की मेयर टेक्निमोंट के साथ साझेदारी की घोषणा की थी। भारत की 25 करोड़ टन तेल शोधन क्षमता का लगभग एक तिहाई नियंत्रण करने वाली इंडियन ऑयल उत्तर प्रदेश की अपनी मथुरा रिफायनरी में एक ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का निर्माण करने की योजना बना रही है।