
GDP Growth Data: शेयर मार्केट में गिरावट के बीच शुक्रवार को एक अच्छी खबर आई है। देश की अर्थव्यवस्था ने तेजी पकड़ ली है। सरकार ने जीडीपी के आंकड़े पेश किए है। चालू वित्त वर्ष 2024-25 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था वास्तविक रूप से 6.2 प्रतिशत बढ़ी है। इस वृद्धि के पीछे अच्छा मानसून और सरकारी खर्च में बढ़ोतरी का हाथ रहा।
बता दें कि अक्टूबर-दिसंबर की वृद्धि जुलाई-सितंबर तिमाही से अधिक है। जुलाई-सितंबर में GDP में 5.6 फीसदी की वृद्धि हुई थी। वहीं पिछले साल इसी अवधि में 9.5% की वृद्धि दर्ज की गई थी। हालांकि यह आरबीआई के 6.8 प्रतिशत के अनुमान से कम रही। दरअसल, मौजूदा तिमाही में आर्थिक वृद्धि की गति अपेक्षा से धीमी रही, जिसका असर बाजार के प्रदर्शन और उपभोक्ता मांग पर भी देखा गया।
वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही की जीडीपी ग्रोथ का आंकड़ा अर्थशास्त्रियों के अनुमान के मुताबिक ही रहा है। वहीं जुलाई-सितंबर तिमाही के संशोधित 5.6 प्रतिशत की वृद्धि दर से अधिक है। अर्थशास्त्रियों का मानना था कि सरकार के बढ़ते खर्च और शहरी खपत में सुधार के कारण चालू वित्त वर्षत की तीसरी तिमाही में 6.2 से 6.3 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ रह सकती है।
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2024-25 में रियल जीडीपी ग्रोथ 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। इसके अलावा जनवरी-मार्च तिमाही में 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। आरबीआई और सरकार के अनुमानों में मामूली अंतर देखा जा सकता है। इस पर आर्थिक विशेषज्ञ कहते हैं कि भारत की विकास दर वैश्विक अर्थव्यवस्था की तुलना में बेहतर बनी रहेगी।
विश्व बैंक ने शुक्रवार दोपहर को कहा कि भारत को 2047 तक विकसित देश बनने की अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अगले 22 सालों में औसतन 7.8 प्रतिशत की वृद्धि की आवश्यकता होगी।
Updated on:
28 Feb 2025, 6:25 PM IST
Published on:
28 Feb 2025, 6:24 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.