
सोने की कीमतों में 20% का उछाल देखने को मिल सकता है। (PC: Gemini)
Gold Price Outlook: सोने की कीमतों में आज मंगलवार को तेजी देखी जा रही है। दिसंबर में यूएस फेड रेट कट को लेकर उम्मीदें फिर से जगने से यह तेजी देखी जा रही है। वैश्विक बाजार में सोने की कीमत लगभग 4,175 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई है। सोने में कई महीनों से तेजी देखी जा रही है और विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी अगले साल भी जारी रह सकती है।
बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) ने 2026 में सोने की औसत कीमत 4,538 डॉलर प्रति औंस रहने और संभावित रूप से इसके 5,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। यह मौजूदा स्तरों से 19.76 फीसदी ग्रोथ है। यह अनुमान वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने पर आधारित है।
सोने की वैश्विक कीमत में सोमवार को भी 2% की तेजी देखने को मिली थी। कीमतों में यह तेजी आज भी जारी है। कमजोर बॉन्ड यील्ड, वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने सोने को रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचा दिया है।
घरेलू मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी मंगलवार को सोने में अच्छी-खासी तेजी देखी जा रही है। मंगलवार दोपहर सोने का घरेलू भाव 0.81 फीसदी या 1000 रुपये की बढ़त के साथ 1,24,854 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा। निवेशकों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संभावित नीतिगत बदलाव से पहले पोजीशन बनानी शुरू कर दी है।
न्यूयॉर्क फेड के चेयरमैन जॉन विलियम्स के बयान के बाद दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ गईं हैं। रॉयटर्स के अनुसार, विलियम्स ने कहा कि ब्याज दरों में कटौती इन्फ्लेशन कंट्रोल को नुकसान नहीं पहुंचाएगी और आर्थिक स्थिरता में मदद करेगी। CME FedWatch Tool के अनुसार, दिसंबर में रेट कट की संभावना अब 81% है, जो पिछले सप्ताह 40% थी। चूंकि सोना ब्याज नहीं देता, इसलिए ब्याज दरों में गिरावट होने पर इसमें निवेश की अपॉर्च्युनिटी कॉस्ट घटती है, जो आमतौर पर सोने के लिए सकारात्मक होती है।
साल 2025 में सोने ने जबरदस्त परफॉर्म किया है और इतिहास में पहली बार 4,000 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार किया है। साल 2025 में अब तक सोने की कीमतों में 54 फीसदी की तेजी आ चुकी है। यह पिछले 10 साल की सबसे मजबूत परफॉर्मेंस में से एक है। बैंक ऑफ अमेरिका के अनुसार, साल 2026 में सोने की कीमतों में तेजी जारी रहेगी। इसके पीछे प्रमुख कारण ऊंचा सरकारी कर्ज, लगातार बढ़ती महंगाई, ब्याज दरों में गिरावट और अमेरिका की गैर-पारंपरिक आर्थिक नीतियां हैं।
सबसे बड़ा जोखिम यह है कि अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व फिर से आक्रामक रूप से ब्याज दरें बढ़ाता है, तो सोने पर दबाव बढ़ सकता है। क्योंकि बढ़ती दरों के साथ सोने में निवेश की अपॉर्च्युनिटी कॉस्ट बढ़ जाती है। लेकिन फिलहाल ऐसी संभावना कम दिख रही है, इसलिए सोने का दीर्घकालिक रुख मजबूत बना हुआ है।
BofA ने साल 2026 में कमोडिटी मार्केट को प्रभावित करने वाले पांच प्रमुख फैक्टर्स ये बताए हैं:
इन सबके बीच सोना वह धातु है जिसे 2026 में सबसे मजबूत और स्टेबल सपोर्ट मिलता दिख रहा है।
Updated on:
25 Nov 2025, 3:44 PM IST
Published on:
25 Nov 2025, 3:44 PM IST
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