
अगले 13 साल में भारज की जीडीपी (पीपीपी) अमेरिका से आगे निकल सकती है। (PC: Gemini)
भले ही अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी का भारी भरकम टैरिफ लगा दिया हो, लेकिन इससे हमारी इकोनॉमी रुकने वाली नहीं है। टैरिफ के बावजूद मजबूत जीडीपी ग्रोथ के चलते भारत साल 2038 तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। प्रोफेशनल सर्विसेज कंपनी ईवाई की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। ईवाई का अनुमान है कि साल 2038 तक परचेजिंग पावर पैरिटी के आधार पर भारत की जीडीपी 34.2 लाख करोड़ डॉलर पर पहुंच जाएगी।
भारत इस समय पीपीपी के आधार पर जीडीपी के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर है। दूसरे नंबर पर अमेरिका और पहले नंबर पर चीन आता है। ईवाई इकॉनोमिक वॉच की अगस्त 2025 रिपोर्ट में कहा गया कि उच्च बचत और इन्वेस्टमेंट रेट्स, अनुकूल जनसांख्यिकी और एक स्थायी राजकोषीय स्थिति के चलते भारत के इकोनॉमिक फंडामेंटल्स मजबूत हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान की तुलना में भारत की स्थिति सबसे अलग है। चीन बढ़ती उम्र वाली आबादी वाला देश है। बढ़ते कर्ज के चलते चीन की इकोनॉमी के सामने कई चुनौतियां हैं। अमेरिका मजबूत बना हुआ है, लेकिन उसे जीडीपी के 120% से अधिक के उच्च कर्ज स्तर और धीमी विकास दर का सामना करना पड़ रहा है। जर्मनी और जापान, हालांकि विकसित हैं, पर वे उच्च औसत आयु और वैश्विक व्यापार पर अत्यधिक निर्भरता से बंधे हैं।
इन सबसे अलग भारत एक युवा आबादी वाला देश है और हमारी जीडीपी ग्रोथ रेट दूसरे देशों की तुलना में काफी अधिक है। भारत एक मजबूत घरेलू मांग वाला देश है और इसका फिस्कल आउटलुक भी स्टेबल है। ये सब चीजें भारत को सबसे अनुकूल दीर्घकालिक विकास पथ प्रदान करती है।
भारत की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए, ईवाई इंडिया के मुख्य नीति सलाहकार, डीके श्रीवास्तव ने कहा, "भारत की तुलनात्मक ताकतें, इसकी यंग और स्किल्ड वर्कफोर्स, मजबूत बचत व निवेश दरें और अपेक्षाकृत टिकाऊ कर्ज प्रोफाइल एक अस्थिर वैश्विक वातावरण में भी उच्च विकास को बनाए रखने में मदद करेंगी। क्रिटिकल टेक्नोलॉजीज में लचीलापन और एडवांस कैपेबिलिटीज का निर्माण करके भारत 2047 तक अपने विकसित भारत बनने के लक्ष्य को पूरा कर सकता है।"
ईवाई की रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2025 में भारत 28.8 वर्ष की औसत आयु के साथ सबसे महत्वपूर्ण देश बन गया है। साथ ही भारत में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में दूसरी सबसे ज्यादा बचत दर है। भारत का गवर्नमेंट डेट टू जीडीपी रेश्यो 2024 के 81.3% से गिरकर 2030 तक 75.8% रहने का अनुमान है, जबकि इसके मुकाबले बाकी देशों का कर्ज बढ़ रहा है। आईएमएफ के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था 2030 तक 20.7 ट्रिलियन डॉलर (PPP) तक पहुंच सकती है। साथ ही, भारत 2038 तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है, जिसकी अनुमानित जीडीपी 34.2 ट्रिलियन डॉलर होगी।
Updated on:
28 Aug 2025, 3:15 PM IST
Published on:
28 Aug 2025, 3:15 PM IST
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