22 जुलाई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

क्या बढ़ेगा पीएफ पर मिलने वाला ब्याज? 11 दिन बाद होगा बड़ा फैसला

वित्त वर्ष 2026 के लिए पीएफ ब्याज दर पर फैसला 2 मार्च को सीबीटी बैठक में हो सकता है। फिलहाल 8.25 प्रतिशत दर जारी है और इसे बरकरार रखने की संभावना जताई जा रही है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Himadri Joshi

Feb 18, 2026

umang app epfo not working how to check passbook and withdraw pf online second way

epfo- (फोटो- एआई जनरेटेड)

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़ी एक अहम खबर सामने आ रही है। वित्त वर्ष 2026 के लिए पीएफ खातों पर मिलने वाली ब्याज दर बढ़ेगी या फिर जितनी है उतनी ही रहेगी इसका ऐलान सिर्फ 11 दिनों में होने जा रहा है। जानकारी के अनुसार, 2 मार्च को होने वाली सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में ब्याज दर पर अंतिम निर्णय हो सकता है। फिलहाल कर्मचारियों को उनके पीएफ जमा पर 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है। अब सवाल यह है कि यह दर बरकरार रहेगी या इसमें बदलाव किया जाएगा।

ब्याज दर के स्थिर रहने की उम्मीद

अभी पीएफ खाताधारकों को 8.25 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार भी ब्याज दर को इसी स्तर पर रखा जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह लगातार तीसरा साल होगा जब ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं होगा। सूत्रों का कहना है कि बाजार में उतार चढ़ाव के बावजूद ईपीएफओ ने स्थिर रिटर्न देने की कोशिश की है। यही वजह है कि ब्याज दर को स्थिर रखना एक सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला बैठक के बाद ही साफ होगा।

CBT की बैठक में होगा बड़ा फैसला

पीएफ ब्याज दर पर अंतिम मुहर सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में लगेगी। इस बोर्ड की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे। पिछली बैठक में भी पीएफ से जुड़ी कई सुविधाओं को आसान बनाने पर चर्चा हुई थी। इस बार की बैठक में डिजिटल प्रोसेस को तेज करने, क्लेम सेटलमेंट को आसान बनाने और वेबसाइट अपग्रेड जैसे मुद्दों पर भी बात हो सकती है। हालांकि अभी तक आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है।

ईपीएफओ का निवेश पैटर्न और रणनीति

ईपीएफओ करीब 28 लाख करोड़ रुपये के फंड का प्रबंधन करता है। इस रकम का बड़ा हिस्सा सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश किया जाता है। इसके अलावा कुछ हिस्सा डेब्ट इंस्ट्रूमेंट्स और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स के जरिये इक्विटी बाजार में भी लगाया जाता है। यह संतुलित निवेश रणनीति ही ब्याज दर को स्थिर रखने में मदद करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बाजार की स्थिति सामान्य रहती है तो मौजूदा ब्याज दर को जारी रखा जा सकता है।