MARISKS के मुताबिक कुछ शिपिंग कंपनियों को मैसेज भेजे गए हैं। इन मैसेज में खुद को ईरानी अधिकारी बताकर कहा गया कि अगर जहाज को सुरक्षित निकालना है, तो पहले फीस देनी होगी। ये फीस किसी बैंक या आधिकारिक चैनल से नहीं, बल्कि Bitcoin या Tether (USDT) में मांगी जा रही है। मैसेज में लिखा गया कि पहले दस्तावेज भेजो, फिर आपकी जांच होगी और उसके बाद क्रिप्टो में भुगतान तय किया जाएगा। तभी जहाज को तय समय पर सुरक्षित निकलने दिया जाएगा। यह सीधा-सीधा फंसाने का जाल है। MARISKS का मानना है कि जो जहाज इस तरह की घटनाओं में फंसे, उनमें से कम से कम एक इस ठगी का शिकार हुआ हो सकता है।