
आईटी कंपनियों के तिमाही रिजल्ट का सीजन शुरू होने वाला है। (PC: Pixabay)
भारतीय आईटी स्टॉक्स इस समय एक दशक के उच्चतम डिविडेंड यील्ड 3.2% पर ट्रेड कर रहे हैं। जबकि इस सेक्टर में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की होल्डिंग्स 13 साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंच चुकी है। कुछ ही दिनों में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे आने वाले हैं। 10 जुलाई को टीसीएस अपाना रिजल्ट जारी करेगा। इसके साथ ही इन शेयरों में डिविडेंड की कमाई का मौका भी होगा।
साल 2025 में अब तक निफ्टी आईटी इंडेक्स 10 फीसदी से अधिक गिर चुका है। टीसीएस के शेयर में सबसे अधिक 17 फीसदी की गिरावट आई है। एचसीएल टेक, इन्फोसिस और विप्रो समेत कई शेयरों में डबल डिजिट की गिरावट आई है। अमेरिका में इकोनॉमी से जुड़ी चुनौतियों और एआई की बढ़ती पहुंच के चलते आईटी सेक्टर में यह गिरावट देखने को मिली है।
हालत ऐसी है कि अब निवेशक आईटी शेयरों को सिर्फ डिविडेंड के लिए देख रहे हैं। आईटी सर्विस सेक्टर एक दशक (कोविड काल के अलावा) के उच्चतम डिविडेंड यील्ड पर ट्रेड कर रहा है। निवेशकों को भी यह डिविडेंड रास आ रहा है। लार्जकैप आईटी शेयरों में टीसीएस 3.7 फीसदी डिविडेंड यील्ड दे रहा है। यह इसके 5 साल के उच्च स्तर 3.6 फीसदी से अधिक है। इसके अलावा इन्फोसिस 3.2 फीसदी, एचसीएल टेक 3.7 फीसदी और विप्रो 3.4 फीसदी डिविडेंट यील्ड पर ट्रेड कर रहा है। टेक महिंद्रा भी अच्छी डिविडेंड यील्ड दे रहा है।
पहली तिमाही के नतीजे आने शुरू होने के साथ ही निवेशकों की नजर आईटी शेयरों पर टिक गई है। फाइनेंशियल सर्विस फर्म HSBC के अनुसार, बड़ी कंपनियों का रिजल्ट फ्लैट से थोड़ा पॉजिटिव ग्रोथ दिखा सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, निवेशक अब आईटी शेयरों को लॉन्ग टर्म के लिए नहीं देख रहे हैं, बल्कि सिर्फ मौकों का फायदा उठा रहे हैं।
Updated on:
08 Jul 2025 06:06 pm
Published on:
08 Jul 2025 06:06 pm
