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Matchbox Price Increase: 14 साल बाद बढ़ने जा रहे हैं माचिस के दाम, जानिए दिसंबर से कितने में बिकेगी एक डिब्बी

Matchbox Price Increase तेल की कीमतों से जूझ रहे आम आदमी के लिए अब चूल्हा जलाना भी महंगा होता जा रहा है। रसोई गैस से लेकर अनाज और माचिस भी आपकी जेब को और हल्का करने वाली है। एक दिसंबर से आपको माचिस खरीदने पर दोगुना कीमत चुकानी होगी

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Dheeraj Sharma

Oct 23, 2021

Matchbox Price Increase

Matchbox Price Increase

नई दिल्ली। महंगाई की मार आम आदमी का पीछा नहीं छोड़ रही है। एक तरफ पेट्रोल-डीजल, सीएनजी और पीएनजी की कीमतों ने लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिसका असर रोजाना काम आने वाली चीजों के दामों में बढ़ोतरी के तौर पर भी देखने को मिल रहा है। इस बीच आपकी जेब का बोझ बढ़ाने वाली है अब माचिस ( Matchbox Price Increase )की एक छोटी सी डिब्बी।

14 साल बाद माचिस ( Matchbox )के दामों में बढ़ोतरी होने जा रही है। माचिस की डिब्बी की कीमत अब दोगुनी होने जा रही है। नई कीमतें एक दिसंबर से लागू हो जाएंगी।

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दोगुना चुकानी होगी कीमत
अब आपकी जेब में माचिस भी आग लगाने वाली है। एक रुपए में मिलने वाली माचिस की डिब्बी अब दो रुपए में मिलेगी। माचिस की ये बढ़ी कीमतें एक दिसंबर से लागू हो जाएंगी। दरअसल पांच प्रमुख माचिस उद्योग निकायों के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से 1 दिसंबर से प्रति माचिस की डिब्बी की कीमत एक रुपए से बढ़ाकर दो रुपए यानी दोगुना करने का फैसला लिया है।

2007 में बढ़ी थी कीमत
इससे पहले माचिस की कीमत में वर्ष 2007 में बढ़ोतरी देखने को मिली थी। उस दौरान भी माचिस की कीमत में सीधे 100 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। तब 50 पैसे से बढ़ाकर माचिस की डिब्बी की कीमत एक रुपए कर दी गई थी।

शिवकाशी में आयोजित ऑल इंडिया चैंबर ऑफ माचिस की बैठक में यह फैसला लिया गया।

इस वजह से बढ़ी माचिस की कीमतें
माचिस निर्माताओं ने कहा कि माचिस बनाने के लिए 10 से अधिक प्रकार के कच्चे माल की जरूरत होती है। लेकिन कच्चे माल की कीमत में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

ऐसे में अब वर्तमान कीमत पर माचिस बेचना काफी मुश्किल हो गया है। निर्माताओं ने कहा कि एक किलोग्राम लाल फास्फोरस 425 रुपए से बढ़कर 810 रुपए, जबकि मोम 58 रुपए से बढ़कर 80 रुपए, बाहरी बॉक्स बोर्ड 36 रुपए से 55 रुपए और भीतरी बॉक्स बोर्ड 32 रुपए से 58 रुपए तक पहुंच गया है।

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इसके अलावा कागज, स्प्लिंट्स की कीमत , पोटेशियम क्लोरेट और सल्फर के दामों में भी 10 फीसदी से ज्यादा का उछाल आ चुका है। डीजल की बढ़ती कीमतों ने भी उद्योग पर बोझ बढ़ा दिया है।

बहरहाल तेल की कीमतों से जूझ रहे आम आदमी के लिए अब चूल्हा जलाना भी महंगा होता जा रहा है। रसोई गैस से लेकर अनाज और माचिस भी आपकी जेब को और हल्का करने वाली है।