
भारतीय रिजर्व बैंक। फोटो: पत्रिका
डिजिटल बैंकिंग, UPI पेमेंट और क्रेडिट कार्ड के बढ़ते उपयोग के साथ ग्राहकों की शिकायतें भी तेजी से बढ़ रही हैं। कई लोग सीधे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ओम्बड्समैन (लोकपाल) के पास शिकायत दर्ज कर देते हैं, जिससे उनकी शिकायत खारिज भी हो सकती है। इसी स्थिति को देखते हुए RBI ने ग्राहकों के लिए स्पष्ट तीन-स्टेप शिकायत प्रक्रिया बताई है। यह प्रक्रिया बैंक, नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC), क्रेडिट कार्ड, डिजिटल पेमेंट पर समान रूप से लागू होती है, जिससे ग्राहकों को समय पर समाधान मिल सके।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने स्पष्ट किया है कि किसी भी शिकायत के लिए सबसे पहले संबंधित रेगुलेटेड एंटिटी (RE) से संपर्क करना जरूरी है। इसमें बैंक, नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC), पेमेंट सिस्टम पार्टिसिपेंट या क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी शामिल हो सकती है।
ग्राहक को अपनी शिकायत ईमेल, मोबाइल एप, कस्टमर केयर या ब्रांच के माध्यम से दर्ज करनी चाहिए। RBI के अनुसार इस चरण का पालन किया जाना चाहिए और सीधे ओम्बड्समैन के पास जाने वाली शिकायतें अस्वीकार की जा सकती हैं।
शिकायत दर्ज करने के बाद ग्राहक को रेफरेंस नंबर या एक्नॉलेजमेंट स्लिप जरूर प्राप्त करनी चाहिए। यह दस्तावेज शिकायत का आधिकारिक प्रमाण होता है और आगे की प्रक्रिया में बेहद अहम माना जाता है।
इस रेफरेंस नंबर के जरिए ग्राहक अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकता है। साथ ही यदि बाद में मामला रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ओम्बड्समैन तक पहुंचता है, तो यही दस्तावेज शिकायत दर्ज होने का प्रमाण बनता है। कई मामलों में ग्राहक यह कदम भूल जाते हैं, जिससे बाद में शिकायत की वैधता साबित करना मुश्किल हो जाता है।
अगर शिकायत 30 दिन के भीतर हल नहीं होती या ग्राहक समाधान से संतुष्ट नहीं है, तो वह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ओम्बड्समैन के पास शिकायत दर्ज कर सकता है। इसके लिए ग्राहक ऑनलाइन CMS पोर्टल के माध्यम से घर बैठे शिकायत कर सकता है।
RBI ने साफ किया है कि बिना पहले संस्थान से शिकायत किए सीधे ओम्बड्समैन के पास पहुंचने वाली शिकायतें स्वीकार नहीं की जाएंगी। इसलिए तीन-स्टेप प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है।
Published on:
27 Mar 2026 03:24 pm
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