
टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने कहा कि रिलायंस जियो इंफोकॉम और दूसरी टेलीकॉम कंपनियों के नेटवर्कों के बीच की गई कॉल्स में से 80-90 प्रतिशत तक फेल हो रही है।
ट्राई ने चेतावनी दी है कि कॉल न हो पाने के इस अस्वीकार्य स्तर को लेकर वह कार्रवाई कर सकता है। ट्राई के चेयरमैन आर एस शर्मा ने कहा कि कॉल न हो पाने की इस ऊंची दर की केवल एक वजह यह हो सकती है कि नेटवर्कों के बीच पॉइंट्स ऑफ इंटरकनेक्शन (पीओआई) अपर्याप्त हों।
ट्राई के इस रुख को भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के लिए दिक्कत तलब माना जा रहा है, जो दावा करती रही है कि उन्होंने जियो के सब्सक्राइबर्स के लिए उन्होंने पर्याप्त पॉइंट्स मुहैया कराए हैं।
शर्मा ने कहा कि ऐसे कॉल फेल्योर की वजह वह टेलिकॉम ऑपरेटरों से पूछेगा और जरूरी होने पर उचित कानूनी कदम उठाने के बारे में निर्णय करेगा। उन्होंने कहा कि पहली नजर में यह मामला इंटरकनेक्शन और क्वालिटी ऑफ सर्विस के नियमों से जुड़ी लाइसेंस की शर्तों के पालन न करने का है।
कॉल टैरिफ डीटेल्स पर ट्राई की नजर
उन्होंने कहा कि ट्राई ने 15 से 19 सितंबर के बीच के कॉल टैरिफ डीटेल्स पर गौर किया है। शर्मा ने कहा कि कॉल फेल्योर का मामला वाकई अस्वीकार्य स्तर पर है। क्वालिटी ऑफ सर्विस स्टैंडर्ड तो 0.5 प्रतिशत पर है।
शर्मा ने कहा कि इस मसले के कारण ग्राहकों को परेशानी हो रही है। इससे हम भी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि ट्राई अब हर रोज कॉल ट्रैफिक डेटा की एनालिसिस कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में हम इस बात पर फैसला करेंगे कि टेलीकॉम कंपनियों के साथ एक और मीटिंग करनी चाहिए या नहीं। अगर हमें लगा कि इससे कोई उद्देश्य पूरा होगा तो हम मीटिंग करेंगे।
टेलीकॉम कंपनियों में बढ़ी तनातनी
टेलीकॉम कंपनियों में तनातनी बढ़ रही है। एक ओर जियो है तो दूसरी ओर भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया हैं। इनके बीच पॉइंट्स ऑफ इंटरकनेक्शन के मुद्दे पर विवाद है। जियो कहती रही है कि पुरानी टेलिकॉम कंपनियों, मुख्य तौर पर टॉप तीन कंपनियों ने उसे पर्याप्त पीओआई नहीं दिए हैं, जिसके चलते उसके यूजर्स को कॉल करने में बड़ी दिक्कत हो रही है।
Published on:
27 Sept 2016 10:22 am
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