
शॉर्ट टर्म एसआईपी ने निगेटिव रिटर्न दिया है। (PC: AI)
SIP Return: पश्चिम एशिया में शांति बहाली की उम्मीद, भू-राजनीतिक तनाव में राहत के संकेतों और ग्लोबल बाजारों में मजबूती से बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखी जा रही है। हालांकि, इस तेजी के बावजूद शेयर बाजार अभी डाउनट्रेंड में है और आगे भी उठापटक जारी रहने की आशंका है। भारतीय शेयर बाजार में इस साल जारी गिरावट से शॉर्ट टर्म एसआइपी यानी एक साल और दो साल की अवधि में एसआइपी के किए गए निवेश का रिटर्न निगेटिव में है। वहीं, अधिकांश इक्विटी कैटेगरी में औसतन तीन साल का एसआइपी रिटर्न भी 5% से नीचे है।
इस साल जनवरी के हाई से सेंसेक्स-निफ्टी में 13% की गिरावट और ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से पिछले एक महीने में छोटे शेयरों में तेज बिकवाली ने इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को नुकसान पहुंचाया है।
हालांकि, मंगलवार और बुधवार को बाजार में तेजी आई है। ट्रंप ने कहा कि अमरीका और ईरान के बीच बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत हुई है। इससे युद्ध का 'पूर्ण और निर्णायक समाधान' निकल सकता है। उन्होंने ईरान के एनर्जी इंफ्रा पर सभी हमलों को 5 दिन के लिए रोकने का फैसला लिया। इस खबर का बाजार के सेंटीमेंट्स पर पॉजिटिव असर पड़ा। बुधवार दोपहर बीएसई सेंसेक्स 1.95 फीसदी या 1444 अंक की बढ़त के साथ 75,472 पर ट्रेड करता दिखा।
इक्विटी फंड में एसआईपी का 1 साल का रिटर्न -12.3 फीसदी रहा है। वहीं, 2 साल का रिटर्न -4.1 फीसदी रहा है। लार्ज मिड कैप में एसआईपी का 1 साल का रिटर्न -13.5 फीसदी रहा है। वहीं, 2 साल का रिटर्न -5.2 फीसदी रहा। लार्ज कैप में एसआईपी का 1 साल का रिटर्न -10.4 फीसदी और 2 साल का रिटर्न -3.3 फीसदी रहा। मिड कैप फंड में एसआईपी का 1 साल का रिटर्न-13.7 फीसदी और 2 साल का रिटर्न -5 फीसदी रहा। मल्टी कैप फंड में एसआईपी का 1 साल का रिटर्न -15.4 फीसदी रहा। वहीं, 2 साल का रिटर्न -7.8 फीसदी रहा। स्मॉल कैप में एसआईपी का 1 साल का रिटर्न -13.4 फीसदी रहा और 2 साल का रिटर्न -5 फीसदी रहा। एसआईपी निवेशकों को एक साल में 13.5 फीसदी का औसत घाटा हुआ है।
Published on:
25 Mar 2026 02:53 pm
