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बजट 2023-24 की तीन बड़ी उपलब्धियाँ: कैपेक्स, राजकोषीय विवेक और नई इनकम टैक्स व्यवस्था

Budget 2023: देश का यूनियन बजट आज पेश हो गया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए पेश किए गए इस बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई घोषणाएं की और सौगातें भी दी। आइए नज़र डालते हैं इस साल के बजट की तीन सबसे बड़ी उपलब्धियों पर, जिनसे आगे जाकर देश को एक नई दिशा मिलेगी।

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Union Finance Minister Nirmala SItharaman presenting budget

देश का बजट (Budget) उसकी आर्थिक स्थिति का आधार होता है। ऐसे में हर देशवासी बेसब्री से हर साल बजट पेश होने का इंतज़ार करता है और साथ ही इससे कई उम्मीदें भी लगाए रहता है। इस साल के बजट का इंतज़ार कर रहे लोगों का इंतज़ार आज खत्म हो गया है। आज बुद्धवार, 1 फरवरी को देश की केंद्रीय वित्त मंत्री (Union Finance Minister) निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने संसद में देश के वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट (Union Budget 2023-24) पेश कर दिया है। वित्त मंत्री के तौर पर निर्मला सीतारमण के कार्यकाल का यह पांचवा बजट है। इस बजट में उन्होंने कई घोषणाएं करते हुए देश को कई सौगात दी। कई चीज़ों में छूट मिलने के साथ राहत मिली, तो कई चीज़ें महंगी भी हुई।

ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर रहेगा फोकस

बजट 2023-24 में भी देश के विकास के लिए ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर फोकस रहेगा। इस ग्रोथ स्ट्रैटेजी के दो अहम पहलू निर्धारित किए गए थे। ये पहलू निम्नलिखित हैं।

1. अर्थव्यवस्था में प्राइवेट सेक्टर को उत्पादक क्षमता में इंवेस्ट करने के लिए प्रोत्साहित करना, जिससे नई जॉब्स के अवसर बने और देश का विकास हो।

2. अर्थव्यवस्था में सरकार की भूमिका का मंत्र मिनिमम गवर्नमेंट का रहा है। इसका मतलब है एक ओर पूंजीगत खर्चों में इजाफा करना और दूसरी ओर विनिवेश (डिसइंवेस्टमेंट) के ज़रिए पहले से ज़्यादा राजस्व जुटाना। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि सरकार राजकोषीय विवेक बनाए रखे और जनता को लुभाने वाली योजनाओं पर पैसा न बहाए।


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बजट 2023-24 की तीन बड़ी उपलब्धियाँ

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट पेश कर चुकी है। इस बजट पर कई एक्सपर्ट्स भी अपनी राय सामने रख चुके हैं। आइए जानते हैं इस बजट की तीन सबसे बड़ी उपलब्धियाँ।

1. कैपेक्स

कैपेक्स इस साल के बजट की एक बड़ी उपलब्धि है। सरकार द्वारा कई पूंजीगत खर्चे किए जाते हैं। पूंजीगत खर्चों का मतलब ऐसे खर्चे हैं जो देश में सड़कों, पुलों, बंदरगाहों और इसी तरह की उत्पादक संपत्तियों को बनाने पर खर्च किया जाता है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को ज़्यादा रिटर्न मिलता है। साथ ही खर्च किए गए प्रत्येक 100 रुपये से अर्थव्यवस्था को 250 रुपये का फायदा होता है। दूसरी ओर राजस्व खर्चे 100 रुपये से कम रिटर्न देता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा बजट 2023-24 में पूंजीगत खर्च को 10 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया गया है। यह राशि बजट 2020-21 के पूंजीगत व्यय (4.39 लाख करोड़ रुपये) के मुकाबले डबल से भी ज़्यादा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था के विकास में भी मदद मिलेगी।

2. राजकोषीय विवेक

राजकोषीय विवेक इस साल के बजट की एक बड़ी उपलब्धि है। वित्त मंत्री ने अपने बजटीय सम्बोधन में इस बात का आश्वासन दिया है कि सरकार के राजकोषीय घाटे (सरकार द्वारा मार्केट से लिया गया उधार) गिरकर देश की GDP के 5.9% तक पहुँच जाएगा। इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक रूप में पड़ेगा, क्योंकि इससे पता चलता है कि प्राइवेट बिज़नेसमैन के लिए मार्केट से उधार लेने के लिए पैसा उपलब्ध होगा और देश की अर्थव्यवस्था के विकास में भी मदद मिलेगी।

3. नई इनकम टैक्स व्यवस्था

इनकम टैक्स की नई व्यवस्था को अगर इस साल के बजट की सबसे बड़ी उपलब्धि कहा जाएं, तो यह गलत नहीं होगा। लोग पिछले कुछ समय से ही इनकम टैक्स में कुछ राहत पाने की उम्मीद कर रहे थे। बजट 2023-24 को वित्त मंत्री ने लोगों को इनकम टैक्स में कुछ राहत दी है। वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स व्यवस्था को पहले से लोकप्रिय और अच्छा बनाने के लिए प्रोत्साहन तो दिया ही है, साथ ही इस बात की घोषणा भी की है कि इनकम टैक्स की नई व्यवस्था अब देश में डिफ़ॉल्ट योजना होगी। पिछले साल तक यह प्रावधान ऑप्शनल था, पर अब नई इनकम टैक्स योजना को अपनाने के बाद लोग पुरानी इनकम टैक्स व्यवस्था में नहीं लौट पाएंगे।


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