
कपड़ा उद्योग में वेकेशन के कारण श्रमिक चले वतन की ओर
सूरत
कपड़ा उद्योग में दिवाली वेकेशन के कारण अन्य राज्यों से आए श्रमिक अब वतन की ओर लौटने लगे हैं। अब वह दिसंबर में वापिस लौटेंगे।
कपड़ा उद्योग के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष व्यापार के नजरिए से खराब रहा है। जीएसटी और मंदी के कारण व्यापार कम होने के कारण उत्पादन में भी कमी आई है। अन्य राज्यों से कम ऑर्डर मिलने के कारण वीवर्स और व्यापारियों के पास माल का स्टोक हो गया है। अब वह ज्यादा स्टोक नहीं करना चाह रहे। इस कारण कीम, कोसंबा सहित कई क्षेत्रों में लूम्स कारखानों में दिवाली वेकेशन शुरू हो गया है। सूरत के कपड़ा उद्योग में काम करने वाले ज्यादातर श्रमिक यूपी, बिहार उत्तराखंड, झारखंड आदि राज्यों के हैं। यह लोग त्यौहार और लग्नसरा आदि के समय वतन चले जाते हैं। इन दिनों भी दिवाली वेकेशन का माहौल होने से कई श्रमिक वतन चले गए हैं। इस साल कपड़ा उद्योग में दिवाली वेकेशन समय के पहले शुरू हो गया है और ज्यादा दिनों तक चलेगा। कपड़ा उद्योग की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए कपड़ा श्रमिक निराश है, संभवत: वह इस बार वतन जाने के बाद विलंब से लौटेंगे।
टीडीएस जागृती के लिए सेमिनार
सूरत आयकर विभाग की टीडीएस रेंज की ओर से गुरुवार को जिला पंचायत के अधिकारियों को टीडीएस के नियमों से अवगत कराने के लिए सेमिनार रखा गया था।
अडाजण आयकर विभाग में आयोजित सेमिनार के दौरान टीडीएस अधिकारियों ने जिला पंचायत विभाग के कर्मचारियों को टीडीएस डिफॉल्टर्स, शोर्ट डिडक्शन, लेट पेमेन्ट सहित अन्य कई मुद्दों पर जानकारी दी। इसके अलावा टीडीएस के नियमों का पालन नहीं करने पर संभवित पैनल्टी और सजा की जानकारी दी। टीडीएस अधिकारियों ने जिला पंचायत के अधिकारियों से समय-समय पर ट्रेस की वेबसाइट जांच करने और टीडीएस रिटर्न फाइल करने के बाद भी जांच करने का आग्रह किया। टीडीएस अधिकारियों ने जिला पंचायत के अधिकारियों से समय-समय पर ट्रेस की वेबसाइट जांच करने और टीडीएस रिटर्न फाइल करने के बाद भी जांच करने का आग्रह किया।
Updated on:
26 Oct 2018 09:26 pm
Published on:
26 Oct 2018 09:26 pm
