Vodafone idea के कारण IDFC और Yes Bank पर बहुत बड़ा संकट

Vodafone Idea (VI) को ऋण देने में IDFC और Yes Bank सबसे आगे है जिन्होंने कुल ऋण का 5.3 फ़ीसदी से भी ज्यादा ऋण VI को दिया है हालांकि 11,000 करोड़ का बकाया SBI का है

By: Sonu Sharma

Updated: 27 Jul 2021, 01:00 PM IST

नई दिल्ली। वोडाफ़ोन (Vodafone) आईडिया (idea) के ऋणदाता जल्द ही वित्त मंत्रालय के पास जायेंगे जिसमें वोडाफ़ोन आईडिया (VI) के डूबने की खबरों के बीच बैंक उनके पैसे को डूबने से बचाने के लिए सरकार से गुहार लगायेंगे। दरअसल वोडाफ़ोन आईडिया पर अरबों का ऋण हो चुका है और वो इस ऋण को चुकाने के असमर्थ नजर आ रहा है। गौरतलब है कि वोडाफ़ोन आईडिया को कोई और ऋण देने को तैयार नहीं है और ना ही कहीं से फंडिंग मिल रही है।

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vodafone idea (VI) से बैंको का 25000 करोड़ बकाया
वोडाफ़ोन आइडिया के ऋणदाता बहुत चिंतित हैं जहां उनको अपने पैसे के डूबने की आशंका है, वहीं वे सरकार और VI से लगातार बातचीत कर रहे है। वोडाफ़ोन और आइडिया लगातार घाटे में जाने के बाद दोनों ने हाथ मिला लिया था और नई कंपनी VI के साथ बाज़ार में लॉन्च हुई थी। इसके बाद भी दोनों कंपनिया फायदे में नहीं आई और भारत की सबसे बड़ी घाटे वाली टेलीकॉम कंपनी बन गई।

शुक्रवार को आए सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय के बाद VI की चिंता और बढ़ गई जिसमे कोर्ट में VI को AGR (Adjusted Gross Revenue) के बकाया मामले में वोड़फोन और आइडिया को झटका दे दिया और 58,254 करोड़ चुकाने का आदेश दिया।

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VI पर इन बड़े बैंको का है बकाया
वोडाफ़ोन आइडिया को ऋण देने में IDFC बैंक और Yes बैंक प्रमुख हैं जिन्होंने अपने कुल ऋण का 5.30 फ़ीसदी के करीब केवल वोडाफ़ोन आइडिया को उधार दिया है। जिसमे आईडीएफसी बैंक ने 2.90 % और येस बैंक ने 2.40% का उधार दिया है।

सभी बैंको ने इतना उधार दिया है
IDFC BANK -3240CR (2.90)%
YES BANK - 4000CR (2.40)%
INDUSIND BANK- 3500CR (1.65)%
PNB- 3000CR (0.44)%
SBI - 11000CR (0.43)%
ICICI - 1700CR (0.23%)
AXIX BANK - 1300CR (0.21)%
HDFC BANK - 1000CR (0.09)%

ये सभी बैंक जून में भी वित्त मंत्रालय से संपर्क करके अपनी समस्या को उठा चुके है जहां पर उन्होंने कहा कि अगर वोडाफ़ोन आइडिया डूब जाती है और उनका पैसा नहीं आता है तो यह सरकार की सबसे बड़ी नाकामी होगी क्योंकि सार्वजनिक बैंको का यह सबसे बड़ा नुकसान होगा।

बैंको के अलावा वोडाफ़ोन आईडिया (VI) के उन ग्राहकों का भी बहुत बड़ा नुकसान होगा साथ में उन हजारों नौकरियों पर भी खतरा मंडराएगा अगर VI दिवालिया हो जाती है, इसलिए सरकार को इस मामले में जल्द ही कुछ करना चाहिए। गौरतलब है कि सरकार का भी VI पर 96270 करोड़ का स्पेक्ट्रम और 58252 करोड़ का AGR बाकी है जिसमें से VI ने केवल 7854 करोड़ ही चुकाया है।

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