
अब आपको देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को पहचानने में मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। केंद्र इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए हरे रंग की नंबर प्लेट अनिवार्य कर सकती है। साथ ही इन कारों को 3 साल तक मुफ्त पार्किंग और टोल में छूट मिल सकती है। इसके तहत देश में 2030 तक पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहन बाजार बनाने के लिए कुछ चुनिंदा शहरों में नए पेट्रोल और डीजल वाहनों का पंजीकरण चरणबद्घ तरीके से बंद किया जाएग। नीति आयोग द्वारा तैयार किए जा रहे मसौदे में ये बातें कही गई हैं।
10 फीसदी जगह ई-वाहनों के लिए
मसौदे की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि मॉल, शॉपिंग, ऑफिस और आवासीय परिसरों में 10 फीसदी पार्किंग जगह इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आरक्षित रखने और इससे संबंधित बुनियादी ढांचा विकसित करने की सिफारिश की गई है।
...बंद होंगे पेट्रोल व डीजल वाहनों के पंजीकरण
नीति आयोग के मसौदे में कहा गया है कि चुनिंदा शहरों में नए पेट्रोल व डीजल वाहनों का पंजीकरण चरणबद्घ तरीके से बंद किया जाना चाहिए और 2030 में इसे पूरी तरह बंद किया जाना चाहिए। इसके अलावा देश के 10 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में हर साल एक निश्चित संख्या में इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण अनिवार्य बनाए जाने की बात है।
कार पूलिंग या शेयरिंग पर रहेगा जोर
मसौदे में आयोग ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कार पूलिंग या शेयरिंग पर जोर दिया है। मसौदे में कहा गया है कि इससे देश की सडक़ों पर वाहनों की संख्या में कमी आ सकती है और लोगों को निजी कार से कई गुना सस्ता विकल्प मिल सकता है। मसौदे के मुताबिक सरकार सार्वजनिक खरीद के जरिए इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग को बढ़ावा देगी। आयोग का अनुमान है कि जनवरी 2019 के बाद सभी केंद्र सरकार और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के वाहन इलेक्ट्रिक होंगे।
10 हजार ई-वाहन के लिए निविदा जारी
बिजली क्षेत्र की सरकारी कंपनियों द्वारा प्रवर्तित कंपनी ईईएसएल ने 10 हजार इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए निविदा जारी की है जिनका इस्तेमाल बिजली मंत्रालय के विभिन्न विभागों और कार्यालयों में किया जाएगा। अभी और कई निविदाएं जारी होने वाली हैं।
Published on:
05 Jan 2018 01:06 pm
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