2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Car Insurance लेते समय शामिल करें Add-On कवर, फ्यूचर में खत्म हो जाएगी बड़े खर्च की टेंशन

एक व्यक्ति को Comprehensive Car Policy के साथ ऐड-ऑन कवर का विकल्प जरूर चुनना चाहिए। क्योंकि इसके अपने अलग फायदे हैं, जिसमें सबसे अहम है, जीरो डेप्रिसिएशन कवर।

2 min read
Google source verification
car_insurance-amp.jpg

Car Insurance

Car Insurance Add-on Cover : भारत में सड़कों पर वाहन चलाने के लिए इंश्योरेंस कानूनी रूप से अनिवार्य है, लेकिन हम इस नियम का पालन करते हुए सिर्फ थर्ड-पार्टी पॉलिसी ले लेते हैं, क्योंकि इसका प्रीमियम काफी कम होता है, लेकिन मोटर बीमा पॉलिसी खरीदते समय आपको Comprehensive cover के बारे में सोचना चाहिए। क्योंकि यह पॉलिसी सभी तरह से आपके वाहन की सुरक्षा को कवर करती है, वहीं इसमें ऐड-ऑन कवर कराकर आप इंजन, वाहन का रिप्लेसमेंट, रोड़ साइड असिस्टेंस और टोइंग आदि का भी लाभ उठा सकते हैं। जाहिर है, कि वैकल्पिक ऐड-ऑन कवर उन सभी चीजों को कवर करते हैं, जो Comprehensive इंश्योरेंस पाम्लिसी से बाहर होते हैं।




क्या है Comprehensive cover?

सबसे पहले जानते हैं, क्या होता है व्यापक या Comprehensive कवर। एक व्यापक मोटर बीमा खुद के नुकसान के साथ-साथ तृतीय-पक्ष बीमा को कवर करेगा। ध्यान दें, कि थर्ड -पार्टी बीमा केवल बीमाकृत वाहन द्वारा अन्य वाहनों या संपत्ति और लोगों को हुए नुकसान को कवर करता है, और इसकी दरें भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडाई) द्वारा तय की जाती हैं। वहीं एक Comprehensive बीमा कवर दुर्घटना के कारण कार को हुए नुकसान और बीमित वाहन के मालिक- ड्राइवर की आकस्मिक मृत्यु या विकलांगता को कवर करेगा। इसके साथ ही अगर वाहन चोरी हो जाता है, तो बीमाकर्ता वाहन के संपूर्ण बीमित घोषित मूल्य (IDV) का भुगतान करेगा। यानी Comprehensive cover में आपको हर तरह से बीमा कंपनी सुरक्षा प्रदान करती है।







ये भी पढ़ें : Hyundai Santro के बाद साथ कंपनी ने बंद कर दी ये बेस्ट माइलेज डीजल गाड़ियां




क्यों चुनना चाहिए ऐड-ऑन कवर

एक व्यक्ति को व्यापक कार बीमा पॉलिसी के साथ ऐड-ऑन कवर का विकल्प जरूर चुनना चाहिए। क्योंकि इसके अपने अलग फायदे हैं, जिसमें सबसे अहम है, जीरो डेप्रिसिएशन कवर। जिसमें पॉलिसीधारक को दुर्घटना के कारण प्लास्टिक आइटम, फाइबर, रबर, विंडस्क्रीन आदि जैसे पुर्जों पर भी पूरा क्लेम मिलता है। ध्यान दें, कि अधिकांश बीमाकर्ता पहले पांच वर्षों के लिए अतिरिक्त प्रीमियम के साथ zero depreciation राइडर्स प्रदान करते हैं।


ये भी पढ़ें : Tvs iQube इलेक्ट्रिक स्कूटर को मिल सकता है लॉन्ग रेंज वर्जन, कंपनी ने जारी किया टीजर

दरअसल, हर साल टूट-फूट के कारण कार की कीमत घटती जाती है। वहीं Car depreciates छह महीने 5% से 0% तक पहुंच जाता है, और अगर वाहन 10 साल से पुराना है, तो यह 50% तक होता है। हालांकि, दुर्घटना के मामले में बीमाकर्ता Car Depreciates घटाकर पार्ट के लिए भुगतान करते हैं, और पॉलिसीधारक को नए पार्ट के मूल्य और Car depreciates मूल्य के बीच के अंतर के लिए भुगतान करना पड़ता है। वहीं अगर आप जीरो Car depreciates ऐड-ऑन कवर लेते हैं, तो बीमाकर्ता क्षतिग्रस्त भागों की पूरी राशि का भुगतान करेगा।