
नई दिल्ली: हमने कुछ दिनों पहले आपको खबर बताई थी कि नीति आयोग ने सरकार से रजिस्ट्रेशन फीस ( registration fees ) में बढ़ोत्तरी करने की सिफारिश की है। सरकार गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन फीस में 20 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोत्तरी करने की योजना पर विचार कर रही है। दरअसल सरकार ऑटो उद्योग और भविष्य के परिवहन क्षेत्र को पूरी तरह से बदलना चाहती है। इसीलिए सरकार कई तरह के निर्णय ले रही है जिसके तहत मौजूदा नियमों में बदलाव किया जा रहा है।
मोटर वाहन अधिनियम संसोधन पास करने के बाद अब सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा देने के लिए वाहन पंजीकरण नियमों में भी बदलाव किया है। सरकार ने वाहन पंजीकरण के लिए नए नियमों को जारी किया है।जल्द ही वाहनों को खरीदने पर आपको रजिस्ट्रेशन शुल्क ज्यादा देना होगा।
ये होगा नया रजिस्ट्रेशन शुल्क- कस्टमर्स को अब इलेक्ट्रिक कार रजिस्ट्रेशन को रिन्यू कराने के लिए 10,000 रुपये के अलावा नए पेट्रोल और / या डीजल कार के पंजीकरण के लिए 5,000 रुपये का भुगतान करना होगा। वर्तमान में, नए पंजीकरण और नवीकरण दोनों के लिए शुल्क 600 रुपये हैं। सड़क परिवहन मंत्रालय ने पारंपरिक वाहनो के पंजीकरण और नवीकरण शुल्क में 20 गुना से अधिक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है।
इसके अलावा मंत्रालय ने 25 किमी प्रति घंटे से ज्यादा स्पीड से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों रजिस्ट्रेशन के दायरे से बाहर रखा है। और जो लोग नयी गाड़ी खरीदने के लिए अपनी पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करते हैं, उन्हें भी इस राशि का भुगतान करने से छूट दी जाएगी।
Updated on:
27 Jul 2019 04:30 pm
Published on:
27 Jul 2019 02:05 pm
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