नई दिल्ली: प्रदूषण के मामले में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री हमेशा से रडार पर रहता है । पर्यावरण दूषित करने के लिए हमेशा वाहन निर्माता कंपनियों को जिम्मेदार ठहराया जाता है। चाहें वह उत्सर्जन हो, जीवाश्म ईंधन को समाप्त करना या ध्वनि प्रदूषण को जोड़ना हो, हमेशा से ही कारों को ही सॉफ्ट टार्गेट रखा जाता है। यही वजह है कि कंपनियां अब प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के लिए कोशिशें तेज कर रही है। इसके लिए कार निर्माता कंपनियां सरकार के आगामी उत्सर्जन मानकों, ईंधन दक्षता मानदंड़ों और इलेक्ट्रिफिकेशन का पालन कर रही है। इसी के मद्देनजर टोयोटा और महिंद्रा ने एक बड़ा फैसला लिया है। इन दोनों कंपनियों ने फैसला किया है कि ये अपने मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस में सिंगल प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करेंगी।