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‘बीवी पूछ रही है… कैसे BJP नेता हो जो लाइट नहीं दे पा रहे!’ चंदौली में बिजली कटौती से परेशान लोगों को फूटा गुस्सा

Chandauli Electricity Crisis: यूपी के चंदौली में बिजली कटौती से परेशान लोगों ने पावर हाउस पर ताला लगा दिया। एक शख्स ने सांसद को फोन मिलाकर कहा- 'बीवी पूछ रही है कि कैसे भाजपा नेता हो, जो लाइट भी नहीं दिला पा रहे।' जानिए पूरा मामला...

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chandauli electricity crisis, baburi power substation

बिजली कटौती से परेशान लोगों को फूटा गुस्सा | फोटो सोर्स- X

Chandauli Electricity Crisis: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में भीषण गर्मी और उमस के बीच बिना बताए बिजली कटौती लोग बहुत परेशान हैं। पिछले 15 दिनों से रात-रात भर बिजली गायब रहने की वजह से बबुरी इलाके के करीब 90 गांवों के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परेशान ग्रामीणों ने रात के समय ही बबुरी पावर हाउस पहुंचकर मुख्य दफ्तर का ताला बंद कर दिया। यह हंगामा रात से शुरू होकर अगले दिन दोपहर तक चलता रहा और लोग बिजली विभाग के खिलाफ धरने पर बैठे रहे।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ 'सांसद जी' को फोन कॉल

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान एक मजेदार और हैरान करने वाला वाकया हुआ, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। प्रदर्शन कर रहे एक शख्स ने सीधे इलाके के सांसद को फोन लगा दिया और कहा- सांसद जी, हमारी बीवी हमसे पूछ रही है कि कैसे भाजपा नेता हो, जो क्षेत्र में लाइट तक नहीं दिला पा रहे हो। पूरी रात अंधेरे में रहने और परिवार के तानों से परेशान इस व्यक्ति की यह बात अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है।

भाजपा समर्थकों ने ही खोला अपनी सरकार के खिलाफ मोर्चा

इस हंगामे की सबसे बड़ी बात यह रही कि बिजली कटौती के खिलाफ आवाज उठाने वालों में बड़ी संख्या खुद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की थी। चुनाव में अपनी सरकार बनाने के लिए वोट देने वाले इन समर्थकों को इस बात का गहरा दुख था कि इस भयंकर गर्मी में भी उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। लोगों का कहना है कि रात में बिजली सिर्फ 10 मिनट के लिए आती है और फिर दो-तीन घंटे के लिए गायब हो जाती है। यह सिलसिला रोज रात से लेकर सुबह 4 बजे तक चलता रहता है, जिससे लोग रात भर सो भी नहीं पा रहे हैं।

फैक्ट्री को 24 घंटे लाइट और जनता को 8 घंटे भी नहीं

स्थानीय निवासी राजकुमार त्रिपाठी ने बिजली विभाग पर भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार का आदेश ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली देने का है, लेकिन जमीन पर लोगों को 8 घंटे भी लाइट नहीं मिल रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पावर हाउस के पास ही बनी एक प्राइवेट फैक्ट्री को तो 24 घंटे बिना रुके बिजली दी जा रही है, जबकि आम जनता को पूरी रात अंधेरे में तड़पने के लिए छोड़ दिया गया है। जब भी इस बारे में बिजली अधिकारियों से बात की जाती है, तो वे ऊपर से आदेश होने का बहाना बनाकर बात से पल्ला झाड़ लेते हैं।

अधिकारी बोले- रात का रोस्टर होने से हुई दिक्कत

हंगामे की खबर मिलते ही मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के अधिकार ने अपनी सफाई में कहा कि ग्रामीण इलाकों के लिए जो 6 घंटे की कटौती तय है, उसे दिन के बजाय रात के समय रख दिया गया है। इसी समय के बदलाव की वजह से जनता को परेशानी हुई है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीणों की मांग है कि रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक लगातार बिजली मिले। फिलहाल बिजली की सप्लाई ऊपर से मिले कोड के हिसाब से ही होती है, लेकिन जनता की इस मांग को बड़े अधिकारियों तक भेजकर जल्द से जल्द समस्या को दूर किया जाएगा।

नेताओं और अधिकारियों का क्या कहना है?

मामले को बढ़ता देख भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों और व्यापारियों की इस परेशानी को सही ठहराते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सरकार तो जनता को राहत देना चाहती है, लेकिन यहां बैठे अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा कि इस फीडर की रात की कटौती को तुरंत बंद करना होगा।