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चंदौली से 50 हजार के इनामी को STF ने प्रतापगढ़ से दबोचा, पहले चलता था ट्रक फिर उसी से करने लगा पशु तस्करी, लंबे समय से था फरार

UP STF ने चंदौली कोतवाली से घोषित इनामी बदमाश को प्रतापगढ़ से गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। बताया जा रहा है कि एसटीएफ की नोएडा इकाई को यह सफलता हासिल हुई है..

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Stf arrested rewarded criminal from pratapgarh

पकड़ा गया इनामी बदमाश

चंदौली: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने चंदौली कोतवाली से घोषित इनामी बदमाश को प्रतापगढ़ से गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। बताया जा रहा है कि एसटीएफ की नोएडा इकाई को यह सफलता हासिल हुई है। एसटीएफ ने बताया है कि आरोपी पहले एक ट्रक खरीदकर उसे चलता था और बाद में पशु तस्करी के गंदे खेल में शामिल हो गया। इसके बाद उसके ऊपर इनाम घोषित किया गया था।

एसटीएफ की नोएडा यूनिट को मिली सफलता

यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने गौ हत्या निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम में चंदौली जिले से वांछित चल रहे 50 हजार रुपए के इनामी बदमाश राजदेव शर्मा को प्रतापगढ़ से गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। बताया जा रहा है कि पकड़ा गया आरोपी प्रतापगढ़ का ही रहने वाला है और मुंबई में रहता था। इसी दौरान वाह प्रतापगढ़ आया हुआ था और एसटीएफ की टीम ने मुखबीर की सूचना के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।

अहमदगंज से हुई गिरफ्तारी

एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि मुखबिर के जरिए यह सूचना मिली थी कि कोतवाली चंदौली से वांछित एक मुकदमे में 50 हजार रुपए का इनामी बदमाश राजदेव वर्मा प्रतापगढ़ के अहमदगंज में मौजूद है। इसके बाद एसटीएफ नोएडा की टीम ने प्रतापगढ़ में अहमदगंज पहुंची और राजदेव को फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार कर लिया।

एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए इनामी बदमाश राजदेव वर्मा ने बताया कि वह 2008 से महाराष्ट्र में गाड़ी चलाता था। इसके बाद 2021 में उसने मिनी ट्रक खरीदा और उसे चलने लगा। आरोपी ने पूछताछ के दौरान बताया कि कुछ दिनों के बाद उसके गांव के पास ही रहने वाले उसके मित्र सलमान और इरफान के संपर्क में आ गया और अत्यधिक पैसे के लालच में उनके साथ मिलकर वह पशु तस्करी करने लगा।

2024 में आरोपी के वाहन को चंदौली पुलिस ने पकड़ा था

आरोपी ने बताया है कि इस पशु तस्करी के खेल में मुनाफा अधिक होता था। इसके बाद उसे इसकी लत लग गई। उसने बताया कि वह अपनी गाड़ी से पशुओं को तस्करी कर बिहार के रास्ते पश्चिम बंगाल ले जाया करता था। इसके बाद 31 जनवरी 2024 को आरोपी के वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर पशु तस्करी की जा रही थी। इसके बाद चंदौली पुलिस ने उसके वाहन को रोका और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में राजदेव फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए चंदौली पुलिस ने इनाम घोषित किया था। इसके बाद वह बुधवार को एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया।