3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

52 गांवों की महापंचायत ने किया एक परिवार का सामाजिक बहिष्कार

शर्त न मानने पर किया फरमान जारी, परिवार से संबंध रखने पर लगेगा एक लाख रूपए जुर्माना

2 min read
Google source verification

image

Yuvraj Singh Jadon

Jun 29, 2015

maha panchayat

maha panchayat

जींद। जिले के गांव धरौदी में जमीन से जुड़े एक मामले में 52 गांवों की महापंचायत ने एक परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा महापंचायत ने फैसला किया कि जो भी व्यक्ति या परिवार उस परिवार से संबंध रखेगा उसे एक लाख रूपए जुर्माना लगाया जाएगा। इस महापंचायत में बिनैण खाप के प्रधान नफे सिंह नैन ने शिरकत की। उनके साथ बलवान सिंह दनौदा, रंगीराम धमतान, हरिकेश धरौदी, गांव धरौदी के पूर्व सरपंच रणधीर के साथ काफी संख्या में लोग मौजूद थे।

गांव धरौदी में रखी गई महापंचायत में गांव धरौदी के ओमप्रकाश ने अपनी डेढ़ एकड़ की जमीन उसके भाई वेदप्रकाश के लडक़े विरेन्द्र के नाम करवा दी। उस डेढ़ एकड़ जमीन का पैसा ओमप्रकाश ने ले लिया। ओमप्रकाश ने इसके बाद अपनी पौने 5 एकड़ जमीन विरेन्द्र की मां सुनहेरी देवी के नाम करवाने का ब्याना ले लिया। जब ओमप्रकाश ने अपनी काफी जमीन उनके नाम करवा दी तो उसके बाद ओमप्रकाश के लडक़े तथा पौत्रों ने उनसे अपनी जमीन वापिस लेनी चाही। इसके लिए ओमप्रकाश के परिवार वालों ने 24 गांवों की पंचायत बुलवाई। पंचायत में ओमप्रकाश के लडक़ों ने उनके सामने शर्त रखी कि उनकी जमीन वापिस लौटा दी जाए और उनके द्वारा दिये गये पैसे उन्हेें वापिस कर दिया जाएगा। विरेन्द्र के परिजनों ने यह शर्त मान ली। लेकिन ओमप्रकाश के लडक़ों में यह गलतफहमी हो गई कि उन्होंने पैसे दिये ही नहीं है और जमीन वैसे ही अपने नाम करवा ली है। जिस कारण इस पंचायत में कोई फैसला नहीं हो सका। इसके बाद रविवार को ओमप्रकाश के लडक़े तथा पौतों ने दोबारा 52 गांवों की महापंचायत बुलवाई। जिसमें बिनैण खाप के प्रधान नफे सिंह नैन मुख्य रूप से उपस्थित थे। इस महापंचायत में ओमप्रकाश के परिजनों ने दोबारा विरेन्द्र के सामने शर्त रखी कि उनकी जमीन को वापिस लौटा दिया जाए और उनके द्वारा दिए गए पैसों को उन्हें वापिस कर दिया जाएगा। परन्तु विरेन्द्र ने उनकी शर्तों को नहीं माना। जिस पर महापंचायत ने विरेन्द्र के परिवार के खिलाफ फैसला सुनाते हुए कहा कि उनका गांव में हुक्का-पानी बंद कर सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। इसके साथ यह भी कहा गया कि उनके साथ जो भी बोलचाल और संपर्क रखेगा, उस पर 1 लाख रूपये का जुर्माना किया जाएगा।

52 गांवों की महापंचायत ने एक परिवार का सामाजिक करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा महापंचायत ने फैसला किया कि जो भी व्यक्ति या परिवार उस परिवार से संबंध रखेगा उसे एक लाख रूपए जुर्माना लगाया जाएगा।
नफे सिंह नैन,प्रधान, बिनैण खाप।

ये भी पढ़ें

image