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(चंडीगढ): पंजाब विधानसभा में सिख विरोधी दंगों के मुद्दे पर जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने कहा कि इन दंगो में पार्टी के रूप में कांग्रेस शामिल नहीं थी। कांग्रेस के सदस्य कुछ लोग इनमें लिप्त थे। मुख्यमंत्री ने इन अभियुक्तों के नाम लिए तो स्पीकर ने ये नाम रिकाॅर्ड से निकलवा दिए थे। लेकिन आम आदमी पार्टी ने हंगामा कर मुख्यमंत्री के जरिए स्पीकर का यह फैसला बदलवा दिया।
यह विपक्ष के लिए एक खास बात थी कि स्पीकर से किसी तरह अपनी मांग मनवा ली गई। अकाली दल के सदस्य विक्रम सिंह मजीठिया ने सदन में मुद्दा उठाते हुए कहा था कि सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस के शामिल न होने का राहुल गांधी का दावा झूठा है। कांग्रेस के कई नेता इस सिलसिले में मुकदमों का सामना कर रहे है। मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने इस पर कहा कि दंगों के बाद उन्होंने दिल्ली का दौरा किया था और कुछ पीडितों ने कुछ कांग्रेस नेताओं के नाम लिए थे। उन्होंने कहा कि नेता व्यक्तिगत तौर पर लिप्त हो सकते हैं लेकिन पार्टी पर दोष लगाना गलत है।
इसी बीच स्पीकर ने निर्देश दिए कि अभियुक्त कांग्रेस नेताओं के नाम रिकाॅर्ड से हटा दिए जाएं। लेकिन आम आदमी पार्टी के सदस्य एचएस फूलका ने मांग की कि अभियुक्तों के नाम रिकाॅर्ड में रखे जाएं। स्पीकर ने मांग नामंजूर कर दी। लेकिन जब आम आदमी पार्टी सदस्य हंगामा करते रहे तो मुख्यमंत्री की सलाह पर अभियुक्त नेताओं के नाम रिकाॅर्ड में शामिल करने पर ही हंगामा शांत हुआ। मुख्यमंत्री ने एचकेएल भगत, सज्जन कुमार, अरजन दास और धरमदास शास्त्री के नाम लिए थे।
Published on:
28 Aug 2018 05:09 pm
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