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ISRO : तमिलनाडु के इस शहर से उड़ान भरेंगे अंतरिक्ष यान

Second Space Port in India - 2376 एकड़ भूमि में प्रस्तावित है- छोटे सैटेलाइट का हो सकेगा प्रक्षेपण

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ISRO : तमिलनाडु के इस शहर से उड़ान भरेंगे अंतरिक्ष यान

ISRO : तमिलनाडु के इस शहर से उड़ान भरेंगे अंतरिक्ष यान

ISRO : 5जी सेवाओं की शुरुआत के बाद भारत नई पीढ़ी की उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवाओं की ओर कदम बढ़ाना शुरू कर चुका है। इसके लिए बड़ी संख्या में मिनी सैटेलाइट्स के निर्माण और उनके प्रक्षेपण की जरूरत होगी। अंतरिक्ष संबंधी भावी आवश्यकताओं और बाजार को ध्यान में रखते हुए देश के दूसरे लांच पैड (प्रक्षेपण स्थल) पर कार्य शुरू हो चुका है। यह स्पेस पोर्ट तमिलनाडु के तुत्तुकुड़ी जिले के कुलशेखरपट्टिनम में प्रस्तावित है। तुत्तुकुड़ी, तटीय जिला है और इस प्रोजेक्ट के लिए पर्याप्त जमीन और दशाएं भी उपलब्ध हैं। लांच पैड विकास को लेकर प्रारंभिक कार्य के तहत जमीन अधिग्रहण का कार्य ८० प्रतिशत हो चुका है।

Second Space Port in India
राज्यसभा में डीएमके सांसद पी. विल्सन ने दूसरे स्पेस पोर्ट की प्रगति को लेकर प्रश्न किया। उनको मिले जवाब के तहत तमिलनाडु सरकार ने अंतरिक्ष विभाग/ इसरो के पक्ष में 2234 एकड़ पट्टा शुष्क भूमि और लगभग 142 एकड़ सरकारी भूमि के अधिग्रहण की प्रशासनिक मंजूरी दी है। अभी तक, इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने 2376 एकड़ भूमि में से 1947 एकड़ भूमि अंतरिक्ष विभाग को सुपुर्द कर दी है। भूमि का शेष भाग अधिग्रहण के अग्रिम चरण में है।


प्रक्षेपण परिसर का डिजाइन तैयार
प्रधान मंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार परियोजना के लिए वांछित भूमि के सुपुर्द किए जाने के पश्चात् निर्माण संबंधी गतिविधियां शुरू करने के लिए वैधानिक स्वीकृति प्राप्त की जाएगी। प्रक्षेपण कॉम्प्लेक्स का डिजाइन पूर्ण किया जा चुका है और निविदा के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी जवाब दिया कि इसरो द्वारा मंगल कक्षित्र मिशन (मॉम) के आठ वर्ष पूर्णता समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान 27 सितंबर, 2022 को इसके जीवनकाल की समाप्ति की घोषणा की जा चुकी है। अप्रेल 2022 में लंबे ग्रहण के दौरान अंतरिक्षयान ने भू-स्टेशन के साथ संपर्क खो दिया।

एसएसएलवी की विकास उड़ान
तटीय जिले में प्रस्तावित देश का दूसरा लांच पैड अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। पहला प्रयास विफल होने के बाद इसरो जल्द ही लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) की दूसरी विकास उड़ान भरेगा। नया लांच पैड इसरो को महत्वपूर्ण मात्रा में ईंधन बचाने में मदद करेगा और छोटे उपग्रह प्रक्षेपण वाहनों (एसएसएलवी) को लांच करने के लिए एक समर्पित स्थान के रूप में भी काम करेगा।
डॉ. मईलसामी अण्णादुरै, उपाध्यक्ष, तमिलनाडु स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी