9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

Madurai AIIMS पर रार केंद्र ने कहा तमिलनाडु से नहीं मिली जमीन

आरटीआइ (RTI) का जवाब ऋण समझौते (Loan Agreement with JICA)पर हस्ताक्षर नहीं

2 min read
Google source verification
aaiims.jpg

चेन्नई. मदुरै में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना को लेकर केंद्रीय कैबिनेट मंजूरी दे दी थी। गत मार्च में केंद्र सरकार ने कहा था जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हुआ है जो उल्लेखनीय हो।
दो साल पहले ही इस योजना को मूर्त रूप देने के प्रयास शुरू हो गए थे लेकिन हकीकत में एम्स कागजों में ही है। कब यह सपना मूर्त रूप लेगा इसे जानने के लिए तेनकाशी जिले के पावूर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता पांडियराज ने केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय से मदुरै एम्स को लेकर १७ सवाल सूचना के अधिकार कानून के तहत पूछे। उनको मिले जवाब चौंकाने वाले थे।

मदुरै एम्स दो वर्ष में हो जाएगा तैयार -चौबे


स्वास्थ्य मंत्रालय का जवाब
स्वास्थ्य मंत्रालय ने परियोजना शुरू नहीं हो पाने का दोष राज्य सरकार पर मढ़ दिया। पहला बड़ा जवाब यह था कि जापान बैंक ऑफ इंटरनेशनल कॉ-ऑपरेशन (जिका) और तमिलनाडु सरकार के बीच ऋण समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हो सके हैं। दूसरा महत्वपूर्ण कारण यह बताया गया कि परियोजना के लिए आवंटित जमीन राज्य सरकार ने अभी तक मंत्रालय को अंतरित नहीं की है।

मदुरै में AIIMS अस्पताल जल्द ही लोगों के लिए खोल दिया जाएगा

यह है परियोजना
मदुरै के तोपूर में आयुर्विज्ञान संस्थान(एमस) का निर्माण होना है। मार्च महीने में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने मदुरै में पत्रकारों से कहा था कि मदुरै एम्स की लागत 1,264 करोड़ रुपए होगी। तोप्पूर के निकट को. पुदुपट्टी गांव के 198.27 एकड़ क्षेत्र की जमीन एम्स निर्माण के लिए चिन्हित की गई है। राज्य की मानें तो दो साल पहले ही राजस्व विभाग की ओर से यह जमीन उपलब्ध करा दी गई है और सीमांकन के रूप में पेड़ लगा दिए गए हैं।

कोरोना की वजह से विलम्ब
कोरोना महामारी की वजह से जिका के साथ ऋण समझौते में विलम्ब हुआ है। इस वजह से यह नहीं कहा जाना चाहिए कि एम्स नहीं बनेगा। हमें पूरा विश्वास है मदुरै जिले में एम्स खुलेगा।
आर. बी. उदयकुमार, राजस्व मंत्री।