
public hearing: मध्य प्रदेश के छतरपुर में जिला पंचायत के कमरे में हो रही जनसुनवाई के दौरान जितेंद्र मिश्रा नाम के व्यक्ति ने आत्मदाह करने की कोशिश की। जितेंद्र अपनी शिकायत लेकर जनसुनवाई पंहुचा था जहां उसने एसडीएम मिलिंद नागदेव और जिला पंचायत सीईओ पस्या सिंह परिहार के सामने खुद को आग लगाने की कोशिश की।
सुरक्षकर्मियों ने जैसे-तैसे उसे रोका और अपनी हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि जितेंद्र पिछले 4 महीनों से एक बदमाश द्वारा मारपीट किए जाने और पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई न करने से परेशान था। इस घटना के बाद जीतेंद्र के समर्थन में पूर्व भाजपा विधायक राजेश प्रजापति भी आए जहां उन्होंने अपनी ही सरकार के राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार पर बड़ा आरोप लगाया है।
जितेंद्र ने बताया कि वह लवकुशनगर के मुड़ेरी मिश्रन पुरवा गांव का निवासी है। अगस्त माह में उसके गांव के एक व्यक्ति कृष्णकांत गर्ग से चुनावी रंजिश के कारण विवाद हो गया। कृष्णकांत ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर जितेंद्र की बुरी तरह पिटाई कर दी।
लवकुशनगर थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। एक महीने बाद पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया, लेकिन घटना के मुख्य आरोपी कृष्णकांत को अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी। वह शिकायत वापस लेने और राजीनामा करने का दबाव बना रहा है।
जितेंद्र का कहना है कि आरोपी आए दिन रिपोर्ट वापस लेने के लिए गंदी गालियां देता है और जान से मारने की धमकियां भी देता है जिससे उसका पूरा परिवार डरा हुआ है। कृष्णकांत उस इलाके का कुख्यात अपराधी है, जिस पर हत्या और लड़कियों से छेड़छाड़ के मामले पहले से दर्ज हैं। जितेंद्र ने खुलासा किया कि 5 अक्टूबर को आरोपी कृष्णकांत गर्ग, पुलिसकर्मियों के साथ उसके घर आया था। इसका सीसीटीवी फुटेज भी जितेंद्र के पास मौजूद है।
इस मामले में चंदला के पूर्व भाजपा विधायक राजेश प्रजापति ने जितेंद्र का समर्थन किया है। उन्होंने अपनी ही सरकार के राज्य मंत्री और वर्तमान चंदला विधायक दिलीप अहिरवार पर आरोपियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है।
Published on:
11 Dec 2024 03:11 pm
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