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सर्पदंश से दो महिलाओं की मौत, एक को खाना बनाते समय, दूसरी को सोते समय सांप ने डसा

Snake Bite: अंधविश्वास ने फिर छीनी दो जिंदगियां। सर्पदंश के बाद इलाज छोड़ झाड़फूंक में उलझे परिजन। देरी से बिगड़ी हालत और दो मासूमों की आंखों से मां का साया उठ गया।

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snake bite superstition two deaths delayed treatment chhatarpur mp news

snake bite superstition two deaths delayed treatment chhatarpur mp news (photo- freepik)

MP News: विज्ञान और एआइ के इस आधुनिक दौर में भी ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अंधविश्वास पर भरोसा करके जीवन रक्षक उपचार की अनदेखी कर बैठते हैं। खासकर सर्पदंश (snake bite) जैसी गंभीर घटनाओं में झाड़फूंक (superstition) का सहारा ले रहे हैं। छतरपुर में लगातार सामने आ रहे यह मामले इसकी हकीकत स्वयं बयां कर रहे हैं। ऐसी दो घटनाएं फिर सामने आईं जहां सर्पदंश के बाद इलाज के बयाज परिजन मरीज को लेकर झाड़फूंक में उलझे रहे और इलाज में देर होने पर दोनों की जान चली गई।

खाना बनाते वक्त नीलम को सांप ने डसा

पहला मामला थाना अमानगंज के गुमानगंज गांव का है। यहां शनिवार सुबह करीब 10 बजे नीलम यादव पति सुरेश यादव खाना बना रही थीं तभी उन्हें सांप ने काट लिया। परिजनों ने उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय नजदीकी गांव छलां में झाड़फूंक कराने ले गए। लगभग चार घंटे तक झाड़फूंक चलती रही, लेकिन हालत बिगड़ने पर शाम 4.30 बजे महिला को जिला अस्पताल लाया गया। तब तक देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने नीलम को मृत घोषित कर दिया। नीलम के दो छोटे बेटे हैं, जिनमें एक की उम्र 5 साल और दूसरे की 2 साल है। अचानक हुए इस हादसे से परिवार और गांव में शोक की लहर है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी में रखा गया है।

रचना को सोते वक्त सांप ने कान में किया हमला

दूसरा मामला गौरिहार थाना क्षेत्र के कितपुरा गांव में सामने आया। कितपुरा निवासी लखन प्रजापति की पुत्री रचना अपने परिजनों के साथ हनूखेड़ा गांव में रिश्तेदारों के यहां कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात रचना जमीन पर चटाई बिछाकर सो रही थी। रात करीब 1 बजे सर्प ने उसके कान में डस लिया। दर्द होने पर बच्ची ने चीख पुकार की तो परिजन जागे और खोजबीन करने पर कुछ देर बाद सांप दिखाई दिया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन झाड़फूंक में उलझे रहे। कुछ घंटों में बच्ची की मौत हो गई।