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MP NEWS: अमरवाड़ा के उपचुनाव में राजा और रंक के बीच है दिलचस्प मुकाबला, देखें ग्राउंड रिपोर्ट

amarwara vidhan sabha by election 2024: छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा में 10 जुलाई को मतदान है...। देखें ग्राउंड रिपोर्ट...।

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amarwara vidhan sabha by election 2024

ग्राउंड रिपोर्ट- राजेंद्र गहरवार

vidhan sabha by election: कल तक जो लोग जय बुला रहे थे, वह पराजय की कामना करने लगे हैं। जो पराजय की रणनीति बना रहे थे वे जय का नारा लगा रहे हैं। छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र (amarwara vidhan sabha seat) के उपचुनाव में ऐसे ही हालात हैं।

कांग्रेस से तीन बार विधायक रहे कमलेश शाह (kamlesh shah) ने लोकसभा चुनाव की वोटिंग से पहले भाजपा का दामन थामकर सभी को हैरान कर दिया था। अब वह इसी सीट से महज छह महीने बाद ही भाजपा से प्रत्याशी हैं। उनकी जयकार करने वाली कांग्रेस अब पराजय की मन्नतें मांग रही है। कमलेश पूर्व राजपरिवार से आते हैं। महल में रहते हैं।

कांग्रेस प्रत्याशी धीरेन शाह इनवाती (dhirendra shah) सरकारी राशन के दुकान के सेल्समैन की नौकरी छोड़ चुनाव में उतरे हैं। धीरेन का परिवार आंचलकुंड धाम धूनी वाले दादा पीठ का मुखिया है। जिस पर सियासी हवन का दांव कमलनाथ ने चला है तो भाजपा के महल की इसी धूनी की अग्निपरीक्षा है। चुनाव नतीजों से न तो सत्ता की सेहत पर फर्क पड़ेगा और न विपक्ष की ताकत में कोई बड़ा इजाफा होगा, लेकिन सियासी धारणा की लड़ाई में कोई भी मात नहीं खाना चाहता।

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चुभ रहा है मौन

पाताल कोट (patal kot) की पहाड़ी पर स्थित फॉरेस्ट रेस्ट हाउस को जाने वाली सड़क किनारे रातेड़ के सुखपाल जड़ी-बूटी बेचते हैं। दावा है कि वशीकरण और मुकदमे से जीत दिलाने की जड़ी-बूटी भी बेचते हैं। क्या उनके पास चुनाव जिताने वाला भी कोई नुस्खा है, यह सुनते हुए हंस पड़े। चुनाव पर ज्यादा बात करने को तैयार नहीं हुए पर कहने लगे लोग बताते हैं मुकाबला कड़ा है। पाताल कोट, छिंदी, बांकी, बिजौरी में भी लोग ऐसा ही बोल रहे हैं। फसल बोवनी की तैयारी में जुटे आम वोटर का मौन सभी को चुभ रहा है तो भाजपा और कांग्रेस की गले की फांस गोंडवाना गणतंत्र पार्टी बन रही है।

ब्लैकबोर्ड की लिखावट पढऩे की कोशिश

गोंडवाना गणतंत्र के देवराबेन भलावी मुकाबले को त्रिकोणीय करने के लिए ताकत झोंक रहे हैं। भलावी लोस चुनाव में करीब 55 हजार वोट ले गए थे। उनके चुनाव चिह्न ब्लैकबोर्ड की लिखावट पर सभी की नजर है। हालांकि गोंडवाना के संस्थापकों में से एक मनमोहन शाह बट्टी की बेटी मोनिका को भाजपा ने विस चुनाव से पहले साथ कर लिया था। अमरवाड़ा से प्रत्याशी बनाया था, पर ज्यादा फायदा नहीं मिला। तब कांग्रेस से कमलेश बड़े अंतर से जीते थे।

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बिचौलियों के भरोसे जिंदगी

चुनाव के प्रति आम आदमी में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिख रही। नरसिंहपुर से लगे अमरवाड़ा सीट के परतापुर गांव के महेश सवाल करते हैं कि बारिश के सीजन में चुनाव क्यों हो रहा है। इसमें कोई न कोई नेताओं का ही फायदा होगा। हमारा क्या है अभी मक्का की बोवनी करके फुर्सत हुए हैं, खाद दे रहे हैं। बेचना तो हर्रई के साहूकारों को ही पड़ेगा। वह भी उनके तय किए भाव पर ही।

पलायन बड़ा मुद्दा

अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र का 80 प्रतिशत हिस्सा जंगली है। सिंचाई की सुविधा, रोजगार के साधन नहीं होने से लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट है। खेती प्रकृति के भरोसे है। इस कारण बड़े पैमाने पर युवा पलायन करते हैं। परतापुर में मिले रमेश ने कहा कि केरल जाने वालों की संख्या बहुत कम होगी, लेकिन अमरवाड़ा क्षेत्र से सर्वाधिक लोग केरल जाते हैं। पुणे, मुंबई, हैदराबाद और गुजरात के शहरों के धक्के खाते हैं।