
छिंदवाड़ा। करीब दो वर्ष पूर्व प्रकाश में आए नौ करोड़ रुपए के घोटाले में 80 आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद से यह मामला पूरी तरह से ठंडे बस्ते में है।
उल्लेखनीय है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की कृषि शाखा में नौ करोड़ रुपए का गबन हुआ था। मुख्य आरोपी संविदा पर कार्य करने वाला वर्धमान सिटी निवासी कृष्णा साहू था। जांच के बाद बैंक के अन्य अधिकारियों को भी घोटाले में लिप्त पाया गया और इसी के आधार पर उनके खिलाफ भी आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया।
इस मामले को दो वर्ष से अधिक हो चुके हैं, लेकिन अभी तक 80 आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है। ये वे लोग हैं जिनके खातों में गबन की राशि का कुछ हिस्सा स्थानांतरित किया गया है। पुलिस की तमाम जांच और कार्रवाई पूरी होने के बाद भी इन पर कार्रवाई न होना समझ से परे है। वहीं अभी तक इस प्रकरण में आरोपियों से कितनी राशि की वसूली हुई है, इसका भी खुलासा नहीं हुआ है। आम जनता के रुपए की बंदरबांट करने वाले अभी खुलेआम घूम रहे हैं।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की कृषि शाखा के ऑडिट, स्पेशल ऑडिट और तमाम जांच के बाद पुलिस को दस्तावेज सौंपे गए थे। इस प्रकरण में पुलिस ने फिर अपने स्तर से जांच की, जिसके बाद सौ लोगों को आरोपी बनाया था। इनमें से मुख्य आरोपियों को कुछ ही दिनों में हिरासत में ले लिया था। बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों पर अपराध दर्ज होने के बाद उन्हें निलम्बित कर दिया गया। यह छिंदवाड़ा के सबसे चर्चित घोटालों में से एक है।
सौ लोगों को बनाया गया था आरोपी
जांच रिपोर्ट में संदेहियों के नाम मिले हैं। पुलिस अपने स्तर पर अब जांच करेगी कि जिनके नाम दिए गए हैं वे प्रकरण में किस हद तक शामिल हैं। उनके खातों में राशि डाली तो उन्हें जानकारी है भी या नहीं।
-सुमेर सिंह जगेत, टीआइ, कोतवाली
Updated on:
27 Jun 2022 05:02 pm
Published on:
27 Jun 2022 05:01 pm
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