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Cough Syrup Case: 10% कमीशन के लालच में ‘जहरीला कफ सिरप’ लिखता था डॉ. सोनी

Chhindwara Cough Syrup Case: जहरीली कोल्डिफ कफ सिरप के सेवन से छिंदवाड़ा और बैतूल जिले के 23 बच्चों की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। गिरफ्तार डॉ. प्रवीण सोनी को कफ सिरप लिखने के लिए 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था।
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छिंदवाड़ा

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Avantika Pandey

•

Updated: 15 Oct 2025, 9:33 AM IST

Dr. Soni's Troubles Increase in Chhindwara Cough Syrup Case

Dr. Soni's Troubles Increase in Chhindwara Cough Syrup Case- file pic

Chhindwara Cough Syrup Case: जहरीली कोल्डिफ कफ सिरप के सेवन से छिंदवाड़ा और बैतूल जिले के 23 बच्चों की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। गिरफ्तार डॉ. प्रवीण सोनी को कफ सिरप लिखने के लिए 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। जांच कर रही एसआइटी ने यह तर्क अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में डॉ. सोनी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए दिया है। याचिका कोर्ट ने आठ अक्टूबर को ही खारिज कर दी थी।

डॉ. सोनी ने नहीं माना दिशा-निर्देश

पुलिस ने जमानत के विरोध में तर्क दिया कि सोनी को कथित तौर पर मिलावटी कोल्ड्रिफ सिरप बनाने वाली तमिलनाडु की श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स से कमीशन मिलता था। पुलिस की ओर से जो जांच रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। कहा गया कि 18 दिसंबर 2023 को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिशा-निर्देश जारी किए थे कि चार साल से कम उम्र के बच्चों को फिक्स्ड डोजकॉम्बिनेशन (एफडीसी) ना दिए जाएं। इसके बाद भी डॉ. सोनी ने ऐसी दवाएं और कोल्डिफ सिरप लिखना जारी रखा। डॉ. सोनी की ओर से कोर्ट में कहा गया, सरकारी डॉक्टर होने के नाते दवा लिखी। 35 वर्ष से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने जानबूझकर हानिकारक दवाएं नहीं लिखी।

निर्देश न मानने पर होगी जांच और कार्रवाई

ड्रग कंट्रोलर दिनेश श्रीवास्तव ने मंगलवार को दवा निर्माताओं के साथ बैठक कर उन्हें शासन की गाइडलाइन और उनमें किए गए संशोधनों की जानकारी दी। उन्होंने निर्देश दिए कि दवा निर्माण प्रक्रिया के दौरान सभी कच्चे माल एवं तैयार औषधियों का बैचवार परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए तथा केवल उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं ही बाजार में उतारी जाएं। ऐसा नहीं होने पर नियमानुसार जांच और कार्रवाई होगी। बैठक में इंडियन ड्रग मैन्युफै€चरर्स एसोसिएशन, एमपी स्टेट ड्रग मैन्युफै€चरर्स एसोसिएशन एवं फेडरेशन ऑफ मप्र चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधि शामिल थे।

चार मेडिकल स्टोर सील, दो रिमांड पर

खाद्य एवं औषधि प्रशासन, भौपाल की औषधि निरीक्षकों की टीम ने छिंदवाड़ा जिले में 92 सिरप के नमूने लिए हैं। इनमें कोल्ड्रिफ के अलावा इसी फॉर्मूले के अन्य सिरप हैं। कोल्ड्रिफ के होलसेलर न्यू अपना फार्मा (छिंदवाड़ा) के संचालक राजेश सोनी और अपना मेडिकल, परासिया के फार्मासिस्ट सौरभ जैन को सहआरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया है। परासिया पुलिस ने दोनों को मंगलवार को कोर्ट में पेश कर वो दिन की रिमांड पर लिया है। इसके अलावा अनियमितताएं मिलने पर चार मेडिकल स्टोर के लाइसेंस भी रद्द कर दिए गए हैं। ? इनमें छिंदवाड़ा स्थित न्यू अपना फार्मा, परासिया का पारस मेडिकल, रसेला मेडिकल और श्रीवास्तव मेडिकल शामिल हैं। अपना फार्मा को 5 अक्टूबर को ही सील कर दिया गया था। परासिया के तीनों स्टोर में कोल्ड्रिफ की बिक्री का रिकॉर्ड अधूरा मिला।

डब्ल्यूएचओ ने जारी की एडवाइजरी

प्रदेश में कफ सिरप पीने से मासूमों की जान जाने के बाद डब्ल्यूएचओ ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए भारत में बनी तीन कफ सिरप को लेकर येतावनी जारी कर दी है। संस्थान ने अपनी एडवाइजरी में कहा है. श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ, रेडनेक्स फार्मा द्वारा निर्मित रेस्पीफ्रेश टीआर और शेप फार्मा द्वारा निर्मित रीलाइफ इन तीनों कफ सिरप से जीवन को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।