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एमपी के इस मेडिकल कॉलेज का भविष्य अधर में, 2019 में रखी गई थी नींव, बजट पर टिकी उम्मीद

Medical College: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सिम्स (CIMS) मेडिकल कॉलेज की नींव रखी थी। यह कॉलेज का निर्माण कार्य बजट संकट के चलते लगातार प्रभावित हो रहा है।

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construction work of CIMS Medical College is getting affected due to budget crisis MP

Medical College: मध्य प्रदेश का छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (CIMS) का निर्माण कार्य बजट संकट के चलते लगातार प्रभावित हो रहा है। निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों को दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण काम रोकना पड़ा था। हालांकि, तनख्वाह भुगतान के आश्वासन के बाद अब कर्मचारी दोबारा काम पर लौट आए हैं। वहीं, प्रदेश सरकार से भी जल्द बजट जारी करने का संकेत दिया गया है। अब इस परियोजना का भविष्य राज्य सरकार के आगामी बजट पर निर्भर करता है।

बजट संकट के चलते निर्माण बाधित

सिम्स परियोजना की नींव 20 नवंबर 2019 को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रखी थी। तब इस प्रोजेक्ट के लिए 1455 करोड़ रूपए का बजट निर्धारित किया गया था। लेकिन 2020 में सरकार बदलने के बाद परियोजना के बजट में कटौती कर इसे 750 करोड़ रूपए तक सीमित कर दिया गया। साल 2021 में एक और झटका लगा जब हृदय रोग और कैंसर के विशेष इलाज के लिए प्रस्तावित ब्लॉक हटा दिए गए। इसके अलावा, मेडिकल कॉलेज की सीटें भी 250 से घटाकर 150 कर दी गईं।

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भुगतान संकट, दो माह की सैलरी बकाया

मुंबई की शापूरजी पालोनजी इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को इस प्रोजेक्ट का ठेका दिया गया था। अब तक निर्माण कार्य पर 260 करोड़ रूपए खर्च हो चुके हैं, जबकि आगे करीब 400 करोड़ रूपए और खर्च करने का प्रावधान किया गया है। चालू वित्तीय साल 2024-25 में राज्य सरकार ने 100 करोड़ रूपए का बजट दिया था, जिसे नवंबर तक खर्च कर लिया गया। इसके बाद से निर्माण कार्य के लिए राशि उपलब्ध नहीं हो पाई, जिससे एजेंसी को कई तरह की वित्तीय दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बजट संकट के कारण निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों और मजदूरों को पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिल पाया था, जिससे उन्होंने हड़ताल कर दी थी। हालांकि, अब उन्हें जल्द भुगतान करने का आश्वासन दिया गया है, जिससे वे काम पर लौट आए हैं।

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राजनीतिक असमंजस में अटका सिम्स का भविष्य

इस परियोजना का भविष्य प्रदेश सरकार के आगामी बजट पर निर्भर करता है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार 15 मार्च तक विधानसभा में अपना बजट पेश कर सकती है। उसके बाद ही सिम्स परियोजना के लिए राशि स्वीकृत होने की उम्मीद है। जब तक बजट पास नहीं हो जाता, तब तक निर्माण एजेंसी को कोई नई राशि मिलने की संभावना नहीं है।

राज्य सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों ने भी जल्द बजट जारी करने का आश्वासन दिया है, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने में समय लग सकता है। यदि समय पर पर्याप्त बजट नहीं मिला, तो इस महत्वपूर्ण परियोजना के निर्माण में और देरी हो सकती है।प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर राजीव कुमार ने बताया कि 'सिम्स निर्माण कार्य के लिए सरकार से बजट पर बातचीत की जा रही है। इस सप्ताह कुछ सकारात्मक निर्णय होने की उम्मीद है।'