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347 कंपनियों के डायरेक्टर डकार रहे ‘गरीबों का राशन’, मचा हड़कंप

MP News: खाद्य विभाग ने इनकी सूची आते ही इन व्यक्तियों को नोटिस थमाए जा रहे है।

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फोटो सोर्स: पत्रिका

फोटो सोर्स: पत्रिका

MP News:एमपी के छिंदवाड़ा जिले में राशन लेने वाले गरीब परिवारों में 347 कंपनियों के डायरेक्टर और 3481 लोग 6 लाख रुपए की सालाना आय धारक है। इन्हें केन्द्र सरकार ने हाल ही में आधार और इनकम टैक्स की सर्चिंग में पकड़ा है। खाद्य विभाग ने इनकी सूची आते ही इन व्यक्तियों को नोटिस थमाए जा रहे है। इनसे जवाब मांगा जा रहा है।

हाल ही में केन्द्र सरकार ने खाद्य आपूर्ति विभाग को एक सूची भेजी है। जिसमें 4042 संदिग्ध नामों की जांच करने को कहा गया है। ये आय अधिक होने पर ये लोग गरीबों का राशन ले रहे हैं। ये जानकारी सरकार के विभिन्न स्त्रोतों से एकत्र हुई है। इनकी जांच पड़ताल में यह तय होगा कि ये लोग फर्जी तरीके से कहीं राशन ले तो नहीं रहे हैं। इसके अलावा इस सूची में 25 लाख रुपए आय वाले 17 लोग, 18 वर्ष से कम आयु के 139 तथा 100 साल से ज्यादा वाले 58 लोग भी है। इन्हें नोटिस देकर जानकारी मांगी जा रही है।

अपात्र बनकर ले रहे लाभ

राशन दुकानों की सूची में पाए गए नामों को पूरे जिले के खाद्य अधिकारियों को भेजना बताया गया है। राज्य शासन को संदेह है कि बड़ी संख्या में लोग अपात्र बनकर गेहूं-चावल मुफ्त में ले रहे हैं। इस समय छिंदवाड़ा जिले में 13 लाख 10 हजार 686 लोग राशन दुकानों में रियायती अनाज का लाभ ले रहे हैं, जिन्हें तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल का वितरण किया जा रहा है।

जिले में राशन लेनेवाले 347 कंपनियों के डायरेक्टर और 6 लाख सालाना से अधिक आय पर नोटिस जारी किए गए है। इसके अलावा 25 लाख वाले 17 वाले व्यक्ति भी शामिल है। इनसे जवाब भी मांगा गया है। - गंगा कुमरे, जिला आपूर्ति अधिकारी