
परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर्स ने दी कोर्ट जाने की सलाह
छिंदवाड़ा. परिवार परामर्श केंद्र में सुनवाई के दौरान एक महिला ने मौजूद काउंसलर्स के समक्ष कहा पति ने पढ़ाई के लिए रुपए नहीं दिए। उसका नर्सिंग कॉलेज में दाखिले के लिए चयन हुआ है। एेसा मौका दोबारा नहीं आएगा। पति एक वर्ष बाद पढ़ाई कराने की बात कह रहा है जिसके लिए वह तैयार नहीं है। समझाइश के बाद भी दोनों पक्ष में सुलह नहीं हुई जिसके चलते दोनों को न्यायालय जाने की सलाह दी गई है।
परिवार परामर्श केंद्र में शनिवार को पारिवारिक विवाद के मामलों पर सुनवाई हुई। काउंसलर्स ने सुनवाई के दौरान आपसी सुलह से कुछ प्रकरणों में समझौता कराया।
एक प्रकरण में राजीनामा नहीं हो पाया। शादी को तीन वर्ष हो चुके हैं। पति व्यापार करता है और सम्पन्न भी है। पत्नी की इच्छा है कि वह पढ़ाई कर स्वयं के पैरों पर खड़ी हो। पति पढ़ाई करने के लिए उसे रुपए नहीं दे रहा। एक माह से पत्नी मायके में रह रही है। पति ने सुनवाई के लिए परामर्श केंद्र में आवेदन दिया था जिसके आधार पर शनिवार को दोनों पक्षों को आमने-सामने किया गया। महिला ने कहा वह नर्सिंग का कोर्स करना चाहती है। पति पढ़ाई के लिए रुपए नहीं देता। सवाल करने पर पति ने काउंसलर्स को बताया कि उसके पास अभी रुपए नहीं है। एक वर्ष बाद पढ़ाई करा देगा, लेकिन इस बात पर पत्नी तैयार नहीं हुई। पत्नी ने साफ कह दिया पति को छोड़ दूंगी, लेकिन पढ़ाई नहीं छोड़ सकती। काउंसलर्स ने दोनों को न्यायालय जाने की सलाह दी।