
मध्यप्रदेश की छिंदवाड़ा के लाल विक्की पहाड़े भारत माता की रक्षा करते करते शहीद हो गए हैं। विक्की पहाड़े छिंदवाड़ा के नोनिया करबल के रहने वाले थे। विक्की पहाड़े एयरफोर्स में जवान थे और बीते दिनों कश्मीर के पुंछ में हुए आतंकी हमले में घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। जैसे ही विक्की की शहादत की खबर उनके परिजन तक पहुंची तो पूरे गांव में मातम पसर गया। परिजन का रो-रोककर बुरा हाल है, विक्की तीन बहनों में अकेली भाई थी और उनका एक 5 साल का बेटा भी है।
विक्की पहाड़े 2011 में एयरफोर्स में शामिल हुए थे। परिजन के मुताबिक 7 मई को विक्की के बेटे हार्दिक का जन्मदिन है, जिसमें आने का वादा उन्होंने किया था। विक्की अप्रैल के महीने में ही अपनी बहन की गोद भराई के लिए घर आए थे और 18 अप्रैल को ही वापस ड्यूटी पर गए थे। उनकी शादी 12 मई 2018 मई को रीना पहाड़े से हुई थी। विक्की के पिता किसान थे जिनकी 2008 में मौत हो गई थी। विक्की तीन बहनों के एकलौते भाई थे और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके ही ऊपर थी। उनकी तीन में से दो बहनें एग्रीकल्चरल डिपार्टमेंट में हैं, जबकि एक बहन नरसिंहपुर में सब इंस्पेक्टर पद पर है।
बता दें कि 4 मई को जम्मू कश्मीर के पुंछ इलाके में आतंकियों ने एयरफोर्स के काफिले पर हमला कर दिया था। इस हमले में विक्की पहाड़े भी अन्य जवानों के साथ घायल हो गए थे और उपचार के दौरान शाम को ही उनकी मौत हो गई थी। विक्की पहाड़े की शहादत की खबर सुनने के बाद से उनकी पत्नी रीना पहाड़े बेसुध हो गईं हैं और परिवार के सदस्यों का रो-रोककर बुरा हाल है।
Published on:
05 May 2024 09:37 pm
