
Pench Tiger Reserve
छिंदवाड़ा। पेंच टाइगर रिजर्व हमेशा से ही देश-विदेश के पर्यटकों के लिए रोमांच और रहस्य से भरा रहा है। यहां कई दुर्लभ वन्यप्राणी हैं। गर्मी में भी पर्यटकों की खासी तादाद पेंच पार्क में पहुंच रही है। इन्हें पार्क के वन्यप्राणी खासा रोमांचित कर रहे हैं। इन दिनों शावकों के साथ घूमती बाघिन-बाघ, तेंदुआ नजर आ रहे हैं।
फिलहाल पेंच के पर्यटकों के लिए एक रोमांच लंगड़ी (टी 20) बाघिन बनी हुई है। खास बात यह है कि बाघों की औसत आयु 12 से 13 साल होती है, वहीं पेंच टाइगर रिजर्व की लंगड़ी बाघिन 17 साल की होने के बाद भी हौसले के साथ डटकर शिकार कर रही है।
हाल ही में पेंच के कोर क्षेत्र में नदी के समीप लंगड़ी बाघिन को पर्यटक जंगली सूकर का शिकार करते देख रोमांच से भर गए। कुछ पर्यटकों ने लंगड़ी बाघिन को जंगली सूकर का शिकार करने के बाद उसे अपने मुंह में दबाकर ले जाने के पल को कैमरे में कैद किया। अब लंगड़ी बाघिन का यह वीडियो और फोटो इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हो रहा है।
पेंच टाइगर रिजर्व के खवासा बफर क्षेत्र में पदस्थ आरओ राहुल उपाध्याय ने बताया कि बाघ की औसत आयु 12 से 13 साल की होती है। लेकिन लंगड़ी बाघिन 17 साल की होने के बाद भी शिकार कर रही है। इस उम्र में बाघ-बाघिन के दांत घिस जाते हैं। काफी कमजोर हो जाते हैं। ऐसे में शिकार करना आसान नहीं होता है। ज्यादातर बाघ-बाघिन 13 से 14 साल की उम्र में शिकार नहीं कर पाने के कारण कमजोर होकर मृत हो जाते हैं। वहीं लंगड़ी बाघिन अपनी शिकार करने की क्षमता के कारण ही जीवित है।
Published on:
22 Apr 2024 01:59 pm
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