
अचानक हुई झमाझम बारिश से बुधवार को कृषि उपज मंडी परिसर में रखा हजारों क्विंटल अनाज भीग गया।

ज्यादातर ढेर शेड के बाहर ही थे। किसानों ने अपनी उपज को ढंकने का प्रयास तो किया, लेकिन तब तक काफी हिस्सा पानी से भीग चुका था।

भीगी उपज देखकर ज्यादातर किसानों की आंखें भी भीग गईं।

बेमौसम बारिश का सबसे अधिक नुकसान खुले में ढेर की हुई उपज का होता है।

शेड में हजारों बारदाने शेड के अंदर रखकर उन्हें नीली तिरपाल से ढंका गया है। इसकी जानकारी मंडी सचिव को भी थी, लेकिन पांच दिनों में वह बारदाने शेड से नहीं उठ सके।

शेड क्रमांक एक में कई माह से रखी उपज की ओर मंडी सचिव का ध्यान दिलाया गया, लेकिन मंडी सचिव ने कर्मचारियों को नोटिस देने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।

इधर बेमौसम बारिश से जल निकासी की पोल खुल गई। शहर की कई सडक़ों पर पानी भर गया।

बारिश के साथ हवा इतनी तेज थी कई स्थानों पर टिन शेड उड़ गए।