
Railway: 1420 करोड़ की रेल परियोजना हुई पूरी, तीन लंबी सुरंग और ऊंचे ब्रिज से होकर गुजरेगी ट्रेन
छिंदवाड़ा. छिंदवाड़ा से नागपुर रेल परियोजना के अंतिम खंड भंडारकुंड से भिमालगोंदी(18 किमी) रेलमार्ग एवं इस घाट सेक्शन में किए गए गए विद्युतिकरण कार्यों का शनिवार को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी(सीआरएस) ने निरीक्षण किया। सीआरएस ने पहले मोटर ट्राली से घाट सेक्शन में हुए हर कार्यों की बारिकी से जांच की। इसके बाद स्पेशल ट्रेन से अधिकतम 91 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रायल किया। 18 किमी का सफर 19 मिनट में पूरा किया। निरीक्षण के दौरान सीआरएस की पूरी निगाह घाट सेक्शन में सुरंग एवं ब्रिज के कार्यों पर रही। बताया जाता है कि कार्यों में सीआरएस को कोई बड़ी खामी नहीं मिली है। ऐसे में जल्द ही वे भंडारकुंड से भिमालगोंदी तक हुए रेलमार्ग एवं विद्युतिकरण के कार्यों को अप्रूव कर देंगे। गेज कन्वर्जन विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि इस सेक्शन में अधिकतम 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने की अनुमति सीआरएस दे सकते हैं। अप्रूवल मिलने के बाद इस खंड एवं छिंदवाड़ा से इतवारी तक सीधे ट्रेन की सुविधा भी लोगों को मिल सकेगी। निरीक्षण के दौरान कलकत्ता से आए सीआरएस एके राय, डिप्टी सीआरएस सीताराम नंदी, डीआरएस शोभना बंदोपाध्याय, चीफ इंजीनियर एचपी त्रिपाठी, डीईएन नॉर्थ एके सिंह, जावेद खान, राजेश कुमार, चंद्रशेखर शर्मा, मुस्तकीम खान, अजीत कुमार सहित अन्य रेलवे के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
सुरंग और ब्रिज पर अधिकतर समय
भंडारकुंड से भिमालगोंदी रेलमार्ग पर दो बड़े और एक छोटा सुरंग है। इसके अलावा कई ऊंचे ब्रिज हैं। निरीक्षण के दौरान सीआरएस ने अधिकतर समय सुरंग और ब्रिज पर दिया। सुरक्षा के लिहाज से हर बिन्दु पर बारिकी से जांच की। इससे पहले शनिवार सुबह सीआरस स्पेशल ट्रेन से भंडारकुंड पहुंचे। कोरोना वायरस को देखते हुए सावधानी बरती गई। सीमित संख्या में ही अधिकारी एवं कर्मचारियों की मौजूदगी रही। भंडारकुंड से कुछ रेल अधिकारी टावर वैगन पर वहीं सीआरएस सहित अन्य उच्च अधिकारी चार मोटर ट्राली पर सवार होकर सुबह लगभग 11.30 भिमालगोंदी के लिए रवाना हुए। इसके पश्चात जगह-जगह पर सीआरएस ने मोटर ट्राली से उतरकर जांच की। सीआरएस भिमालगोंदी दोपहर 3.15 बजे पहुंचे। इसके पश्चात अधिकारियों से चर्चा के बाद स्पेशल ट्रेन(एक इलेक्ट्रिक इंजन एवं 9 बोगी) से शाम4.15 बजे भिमालगोंदी से स्पीड ट्रायल किया। स्पेशल ट्रेन शाम 4.34 बजे भंडारकुंड पहुंची। इस दौरान ट्रेन की अधिकतम गति 91 किमी प्रति घंटे रही। बताया जाता है कि घाट सेक्शन में काफी कर्व है। ऐसे में इस सेक्शन में ट्रेन का परिचालन बहुत अधिक स्पीड से नहीं किया जा सकता है।
अब आगे क्या
1 दिसंबर 2015 को छिंदवाड़ा से नागपुर आमान परिवर्तन परियोजना के लिए छोटी रेल लाइन पर टे्रन का परिचालन बंद कर दिया गया। इसके पश्चात गेज कन्वर्जन विभाग एवं रेल विद्युत निगम ने छिंदवाड़ा से इतवारी तक (149 किमी रेलमार्ग) कुल चार खंडों में रेलमार्ग एवं विद्युतिकरण का कार्य किया है। इसमें छिंदवाड़ा से भंडारकुंड, इतवारी से केलोद, केलोद से भिमालगोंदी तक सीआरएस के अप्रूवल मिलने के बाद इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। शनिवार को अंतिम खंड भंडारकुंड से भिमालगोंदी तक हुए रेलमार्ग एवं इलेक्ट्रिक कार्यों का निरीक्षण सीआरएस ने किया। अंदेशा है कि सीआरएस जल्द ही इस रेलमार्ग एवं विद्युतिकरण कार्यों को अप्रूव कर देंगे। इसके बाद छिंदवाड़ा से इतवारी तक सीधे ट्रेन का परिचालन हो सकेगा।
फैक्ट फाइल
छिंदवाड़ा-नागपुर परियोजना की कुल लागत-1420०.38 करोड़
परियोजना की लंबाई-149 किमी
स्टेशनों की संख्या-11, हाल्ट स्टेशन की संख्या-14, बड़े पुलों की संख्या-28, छोटे पुलों की संख्या-307, सुरंग की संख्या-तीन
Published on:
23 Aug 2020 01:24 pm
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